Wednesday, September 2, 2026
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एआई और डिजिटल युग में हिंदी का बढता वर्चस्व: आर्य कॉलेज में ‘हिंदी पखवाडे’ के तहत भाषण प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at September 2, 2026 Tags: , , , ,

BOL PANIPAT – बुधवार 2 सिंतबर 2026 : आर्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हिंदी विभाग के उपक्रम हिन्दी साहित्य परिषद द्वारा आयोजित आगामी हिंदी दिवस के शुभावसर पर  1 सितंबर से 14 सितंबर के मध्य हिंदी पखवाड़ा के रूप में अंत:महाविद्यालय स्तर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से परिषद का उद्देश्य हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में योगदान देना एवं विद्यार्थियों में साहित्यिक और रचनात्मक स्तर को समृद्ध करना है।

आज पखवाड़े के दूसरे दिन की भाषण प्रतियोगिता में विभिन्न संकायों से छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़ कर सहभागिता की। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.(प्रो.) जगदीश गुप्ता ने विद्यार्थियों को अपना संदेश देते हुए बताया कि हिंदी भाषा वर्तमान में प्रौद्योगिकी के लिए सक्षम भाषा है। आज के तकनीकी युग में हिंदी भाषा हर क्षेत्र में विकसित हो रही है। एआई के समय में डिजिटल और सोशल मीडिया पर हिंदी प्रगति कर रही है । उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थियों को हिंदी भाषा की उन्नति में अपना योगदान अवश्य देना होगा। साथ ही इस प्रतियोगिता में महाविद्यालय की उपाचार्या डॉ.अनुराधा सिंह ने अपने सम्बोधन में छात्र- छात्राओं को बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत हिंदी भाषा को बढ़ावा दिया गया है । हिंदी भाषा आज इंटरनेट, सोशल मीडिया और विश्व स्तर पर तीव्र गति से बढ़ती जा रही हैं। रोजगार के क्षेत्र में भी हिंदी भाषा अपना स्थान सुनिश्चित कर रही है। वहीं, भाषण प्रतियोगिता के विषय रूप में प्रौद्योगिकी में हिंदी भाषा,अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी, रोज़गार और हिंदी भाषा, हिंदी भाषा आज और कल, विज्ञापन और हिंदी भाषा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति और हिंदी भाषा रहे इत्यादि विषय निश्चित रहे।

सभी विद्यार्थियों ने अपने भाषण के माध्यम से हिंदी भाषा के सशक्त रूप को प्रस्तुत किया। एम.ए. अंग्रेजी द्वितीय वर्ष की छात्रा खुशबू ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी विषय पर अपना भाषण प्रस्तुत करते हुए बताया कि हिंदी भाषा विश्व में दूसरे स्थान पर बोली जाने वाली भाषा है और विश्व में हिंदी भाषा का स्तर निरंतर गतिमय है। विदेशों में प्रवासी साहित्यकार, विश्व हिंदी सम्मेलन, सिनेमा, समाचार पत्र- पत्रिकाएं, सोशल मीडिया ,उद्योग जगत, विदेशों में हिंदी भाषा में शोध कार्य, फिजी में संसद के अंतर्गत हिंदी का प्रावधान, न्यूजीलैंड में हिंदी भाषा को चौथा स्थान एवं फिल्म जगत के माध्यम से हिंदी भाषा सशक्त एवं समृद्ध हो रही है। अन्य छात्र- छात्राओं ने भाषण के दौरान बताया कि विज्ञापन के क्षेत्र में भी हिंदी भाषा को सरल एवं प्रभावशाली भाषा माना जाता है। डिजीटल युग में और एआई, तकनीक के दौर में हिंदी भाषा का प्रचलन एवं वर्चस्व बढ़ता जा रहा है। रोज़गार के क्षेत्र में हिंदी भाषा अपनी अहम भूमिका निभाने में भी सक्षम हुई है। बीएस.सी. द्वितीय वर्ष की छात्रा तन्नु ने ‘हिंदी भाषा आज और कल’ पर अपने भाषण को प्रस्तुत किया। छात्रा तन्नु ने हिंदी भाषा को कबीर, तुलसी और प्रेमचन्द से जोड़ते हुए भाषा की महत्वता और प्रगति का वर्णन किया। हिंदी साहित्य परिषद के संयोजक विजय सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि हिंदी भाषा की अपनी एक अलग पहचान है। युवा पीढ़ी का यह परम कर्तव्य बनता है कि हिंदी भाषा को अपनाएं। हिंदी भाषा का वर्चस्व लगातार विश्व पटल पर बढ़ता जा रहा है। इस प्रतियोगिता में मंच संचालक की भूमिका बी.जे.एम.सी. तृतीय वर्ष की छात्रा अंजलि ने निभाई। निर्णायक मंडल की भूमिका डॉ. शालिनी एवं  कविता मलिक ने निभाई। इस अवसर पर हिंदी विभाग से गोपाल मलिक एवं अन्य  स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।

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