शादी विवाह कार्यक्रम में गैस सिलेंडर उपलब्ध न होने पर संबंधित विभाग के अधिकारियों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई: उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया
जनता समाधान शिविर बना भरोसे का मंच, मौके पर निपटीं कई शिकायतें
मुख्यमंत्री की दूरदर्शी पहल से प्रशासन और जनता के बीच बढ़ा विश्वास: पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह
अधिकारियों की मौजूदगी में त्वरित समाधान से संतुष्ट दिखे प्रार्थी
BOL PANIPAT , 20 अप्रैल। हरियाणा में सुशासन और त्वरित सेवा वितरण की दिशा में उठाए गए कदमों का सकारात्मक प्रभाव अब ज़मीनी स्तर पर साफ दिखाई दे रहा है। नायब सिंह सैनी की दूरगामी सोच के अनुरूप जिले में आयोजित जनता समाधान शिविर आम लोगों के लिए राहत का बड़ा माध्यम बनते जा रहे हैं। सोमवार और गुरुवार को जिला सचिवालय सभागार में नियमित रूप से आयोजित इन शिविरों में विभिन्न वर्गों के लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं, जहां प्रशासन मौके पर ही उनके समाधान का प्रयास करता है।
सोमवार को आयोजित शिविर में उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में 26 नागरिकों ने अपनी शिकायतें की रखी। इस दौरान कई शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जिससे लोगों में संतोष और विश्वास का माहौल देखने को मिला। शिविर में राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, कृषि, बिजली, नगर निकाय और सामाजिक कल्याण विभाग से जुड़ी 26 समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। उपायुक्त डॉ. दहिया ने सख्त लहजे में कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता हर जरूरतमंद तक समय पर सहायता पहुंचाना है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि विशेष परिस्थितियों – जैसे घर में शादी या अन्य जरूरी अवसर पर यदि किसी पात्र व्यक्ति को गैस सिलेंडर जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई जाती है, तो संबंधित विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जवाबदेही तय की जाएगी।
एडीसी अंकित चौकसे ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि हर शिकायत को गंभीरता से दर्ज किया जा रहा है और संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे तय समय सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे अपनी समस्याएं बिना संकोच शिविर में लेकर आएं, ताकि उनका समाधान पारदर्शी तरीके से हो सके।
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों पर सख्त संदेश देते हुए कहा कि जनता की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की शिकायत, चाहे वह छोटी हो या बड़ी, उसे गंभीरता से लिया जाएगा। अगर कोई व्यक्ति अपनी समस्या लेकर पुलिस तक पहुंचता है, तो उसे हर हाल में न्याय मिलेगा। लापरवाही या उदासीनता दिखाने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम मनदीप कुमार ने शिविर में प्राप्त शिकायतों के समाधान को लेकर कहा कि प्रशासन ने एक व्यवस्थित तंत्र विकसित किया है, जिसके तहत हर शिकायत की निगरानी की जाती है। उन्होंने बताया कि जिन समस्याओं का तुरंत समाधान संभव होता है, उन्हें मौके पर ही निपटा दिया जाता है, जबकि जटिल मामलों को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागों को भेजकर उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाती है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य यही है कि कोई भी नागरिक अपनी समस्या के समाधान के लिए भटकने को मजबूर न हो।
शिविर में पहुंचे कई प्रार्थियों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की। उनका कहना था कि पहले जहां समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे, वहीं अब एक ही स्थान पर अधिकारियों की मौजूदगी में उनकी बात सुनी जा रही है और समाधान भी किया जा रहा है। कई लोगों ने मौके पर ही अपनी समस्याओं के निपटारे पर खुशी जताई और कहा कि इससे प्रशासन के प्रति उनका भरोसा मजबूत हुआ है। प्रार्थी रमेश वासी पानीपत ने प्रशासन से अनुरोध किया कि उनकी आयु 64 वर्ष है अभी तक पेंशन का लाभ नहीं मिल है। उपायुक्त ने संबंधित विभाग को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
राजेंद्र वासी अटावला ने पीएम सम्मान किसान निधि किस डलवाने का अनुरोध किया। प्रार्थी सन्नी वासी गीता कॉलोनी ने आय ठीक करवाने व बीपीएल कार्ड काटने पर दोबारा चालू करवाने के लिए अनुरोध किया। प्रार्थी प्रमोद वासी डाहर ने बताया की उनका बीपीएल कार्ड काट दिया गया है उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है उन्होंने प्रशासन से ठीक करवाने का अनुरोध किया। इस मौके पर सीईओ डॉ. किरण, डीडीपीओ राजेश शर्मा, डीएसपी सतीश वत्स, डीआरओ कनब लाकड़ा, कृषि विभाग के डीडीए प्रवीण गुलिया, सीएमओ विजय मलिक, सीएम जीजीए आदिति, डीईओ राकेश बूरा, डीएचओ संदीप, सहायक कृषि अभियंता सुधीर, एलडीएम राजकुमार, एसडीओ विरेंदर दहिया, पुलिस कंप्लेंट अधिकारी सुरेश सरोहा, महेश त्यागी, संजीव शर्मा और जोगिंदर रमेश सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।

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