दुनिया में सारी लड़ाई में और अहम के कारण: सुश्रुत
BOL PANIPAT : पानीपत दुनिया में सारी लड़ाई में और अहम के कारण है ।अगर हम इन चीजों को त्याग दे तो समाज देश व दुनिया में शांति स्थापित हो सकता है। हमारे वेदों में ऐसे ऐसे मंत्र हैं जो पूरी दुनिया धरा का भला कर सकते हैं। पर जरूरत है इन्हें अपने व जिंदगी उनके अनुरूप जीने की ।यह शब्द डाक्टर सुश्रुत सामश्रमी ने आर्य समाज थर्मल कॉलोनी के 37 वे वार्षिक उत्सव के प्रातः कालीन सत्र में कहे। प्रथम सत्र के सभा अध्यक्ष अधीक्षक अभियंता विकास वधवा ने कहा कि आर्य समाज हमें जीने की कला सिखाता है। हम जो प्रतिदिन यज्ञ करते हैं उस से पूरा वातावरण शुद्ध होता है और प्राणियों में ऊर्जा भरी रहती है। पिछले 36 वर्षों में थर्मल आर्य समाज ने असंख्या वैदिक विद्वानों तथा मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान किया है, जो निसंदेह सराहनीय है ।दूसरे सत्र के मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए अधीक्षक अभियंता सुनील कुमार दुरेजा ने कहा कि स्वामी दयानंद ने अपना संपूर्ण जीवन हमारे समाज की कुरीतियों को दूर करने में लगा दिया। स्वतंत्रता संग्राम में अपना सर्वोत्तम बलिदान देने वालों में अधिकतम आर्य समाज से ही प्रभावित थे ।लोगों ने सतपाल माधुर के भजनों का आनंद लिया। इस दौरान महात्मा वेदपाल आर्य, विजय यादव, सुखबीर जागलान, केवल आर्य, अश्वनी खुराना, रणवीर कुंडू रिशिपाल आर्य, नरेंद्र मेहता आदि उपस्थित रहे।

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