Friday, April 17, 2026
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औद्योगिक मजदूरों ने कारखाना मजदूर यूनियन के नेतृत्व में एक विरोध सभा व जुलूस का आयोजन किया।

By LALIT SHARMA , in SOCIAL , at December 5, 2025 Tags: , , , ,

BOL PANIPAT : 5 दिसंबर 2025, समालखा: ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (एआईयूटीयूसी) के आव्हान पर आज समालखा के औद्योगिक मजदूरों ने कारखाना मजदूर यूनियन के नेतृत्व में एक विरोध सभा व जुलूस का आयोजन किया। केंद्रीय सरकार द्वारा श्रमिक विरोधी व कॉर्पोरेट प्रस्त चार लेबर कोड को अचानक लागू करने की घोषणा के खिलाफ सभा और जुलूस का आयोजन हुआ।

सभा को संबोधित करते हुए एआईयूटीयूसी हरियाणा प्रदेश कमेटी के सचिव कॉमरेड हरीप्रकाश ने बताया कि 21 दिसंबर 2025 को केंद्र सरकार ने चार लेबर कोड लागू किए हैं । यह अंग्रेजों के समय से अब तक मजदूरों के संघर्षों व कुर्बानियों से हासिल 29 श्रम कानूनों को खत्म करके कॉर्पोरेट प्रस्त बनाए चार लेबर कोड हैं।
इन लेबर कोड्स में श्रमिकों के बचे-खुचे वैधानिक अधिकारों को भी छीनने का रास्ता साफ कर दिया है। 8 घंटे कार्य दिवस की जगह 12 घंटे कार्य दिवस, मजदूरों का यूनियन बनाने, उसे पंजीकृत कराने,अपने ढंग से चलाने तथा अपनी सामूहिक मांगे मनवाने हेतु हङताल करने के काम को बहुत ही कठिन(लगभग असंभव ) कर दिया है । 299 तक के श्रमिक संख्या वाले उद्योगों में नियुक्ताओं को मजदूरों की छंटनी करने, ले-ऑफ, तालाबंदी व कारखाना बंदी मर्जी अनुसार करने का अधिकार दे दिया है। स्थाई किस्म के काम को ठेके पर अथवा शॉर्ट टर्म अपॉलाइंमेंट के तहत कराने का भी अधिकार दे दिया। इससे उद्योगपति स्थाई भर्ती नहीं करेंगे । मर्जी अनुसार नौकरी से हटाने का अधिकार नियुक्ताओं को दे दिया है। महिलाओं को रात्रि पाली में काम पर बुलाने का अधिकार भी मालिकों को दे दिया है। श्रमिक न्याय पाने के लिए अब सीधा,अपनी मर्ज़ी से कोर्ट में नहीं जा सकेंगे। इसी तरह के अनेक ऐसे प्रावधान इन लेबर कोड में लाए गए हैं जिन से भारत के मजदूर को पूंजीपतियों के गुलाम बनाने का रास्ता खोलने जैसे हैं।

इस सभा में जोरदार मांग उठाई गई की चारों लेबर कोड्स को तुरंत रद्द किये जाए। रद्द किए 29 श्रम कानून बहाल हों, उन्हें संशोधित करके मजदूर हितों में समृद्ध करो। सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों- विभागों व संपत्तियों को पूंजीपतियों को देना बंद करो। न्यूनतम वेतन 26000 रू मासिक घोषित करो। पुरानी पेंशन बहाल करो, एनपीएस व यूपीएस रद्द करो। बिजली संशोधन बिल 2025 वापस लो। आंगनवाड़ी, मिड डे मील, आशा सहित सभी परियोजना कर्मियों व तमाम तरह के कच्चे,ठेका व आउट सोर्सिंग कर्मियों को पक्का करो। अस्थाई कर्मचारियों को स्थाई करो। सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को स्थाई भर्ती करके पूरे करो।

सभा को संबोधित करते हुए कॉमरेड ईश्वर सिंह राठी ने बताया कि लेबर कोड्स में कारखाने की परिभाषा बदल देने से अधिकतर श्रमिक, श्रम कानूनों के दायरे ही बाहर हो गए है। अब वह अपनी वेतन व अन्य अधिकारों की बढौतरी अथवा सुरक्षा कानूनी तौर पर नहीं कर सकेंगे। केंद्रीय ट्रेड यूनियन- एआईयूटीयूसी सहित देश की दस बङी ट्रेड यूनियनों का राष्ट्रीय स्तर पर सांझा ऑन्दोलन चार लेबर कोड को वापस कराने तक चलेगा। सरकार को सांझा ऑन्दोलन के माध्यम से चारों लेबर कोड को वापस लेने के लिए बाध्य कर दिया जाए। चाहे इसके लिए राष्ट्रीय स्तर की हड़ताल करनी पङी तो एआईयूटीयूसी उसमें बढ-चढ कर शामिल होगी।

सभा को एआईकेकेएमएस के नेता ईश्वर सिंह दहिया ,मास्टर बलवीर सिंह, शेर सिंह, राजवीरसिंह, अलियास, राममेहर सिंह आदि ने भी संबोधित किया ।

सभा समाप्ती के तुरंत बाद विरोध जुलूस का आयोजन किया गया और विरोध स्वरूप चार लेबर कोड्स की पर्तियों का दहन किया गया। उसके बाद एक ज्ञापन/मांगपत्र प्रधानमंत्री महोदय, भारत सरकार के लिए उपमंडल अधिकारी (नागरिक) समालखा के माध्यम से भिजवाया गया। प्रदर्शन में दर्जनों उद्योगों के मजदूरों के सैंकडों प्रतिनिधि शामिल हुए। जुलूस का नेतृत्व कारखाना मजदूरी यूनियन के प्रधान शेर सिंह, राममेहर सिंह, राजवीर सिंह , सुरेश, अलियास, बलवीर आदि कर रहे थे।

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