आर्य कॉलेज में विधिक जागरूकता व्याख्यान: “सशक्त युवा, समर्थ भारत” का आह्वान
⁃ मौलिक अधिकारों, साइबर अपराध और पॉक्सो एक्ट पर युवाओं को दी गई अहम जानकारी
BOL PANIPAT – सोमवार 17 अगस्त 2026 : आर्य कॉलेज की ‘विधिक जागरूकता प्रकोष्ठ’ द्वारा कॉलेज परिसर में एक विस्तृत व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उनके कानूनी अधिकारों और आज के डिजिटल युग की प्रमुख चुनौतियों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता का स्वागत करके किया गया। कॉलेज की उप-प्राचार्या और विधिक जागरूकता प्रकोष्ठ की प्रभारी, डॉ. अनुराधा सिंह ने मुख्य वक्ता अभिजीत शर्मा (अधिवक्ता और पैनल काउंसिल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण -डीएलएसए ) का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया और कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।
कॉलेज उपाचार्या डॉ. अनुराधा सिंह ने कहा, “आज के समय में शिक्षा के साथ-साथ कानूनी ज्ञान अनिवार्य है। कॉलेज का ‘विधिक जागरूकता प्रकोष्ठ’ यह सुनिश्चित करता है कि हमारे छात्र केवल डिग्रियां लेकर न निकलें, बल्कि वे एक जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज में जाएं। यह व्याख्यान उन्हें साइबर खतरों और अपने अधिकारों को समझने में मदद करेगा।”
इसके बाद मुख्य वक्ता श्री अभिजीत शर्मा ने अपना व्याख्यान शुरू किया। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा, “युवा हमारे राष्ट्र की रीढ़ हैं। एक सशक्त और जागरूक युवा ही एक समर्थ भारत का निर्माण कर सकता है। युवाओं को अपने मौलिक अधिकारों की समझ होना बेहद आवश्यक है। इसके साथ ही, आज के समय में जब हम पूरी तरह से डिजिटल हो गए हैं, साइबर अपराध और ऑनलाइन शोषण एक गंभीर चुनौती है। उन्होंने बताया कि डीएलएसए के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, महिलाओं, बच्चों और जरूरतमंदों को मुफ्त कानूनी वकील, कोर्ट फीस से छूट, कानूनी सलाह और मध्यस्थता की सुविधा दी जाती है। यदि किसी नागरिक को न्याय पाने में वित्तीय बाधा आ रही हो, तो डीएलएसए उन्हें पूरी कानूनी सहायता उपलब्ध कराता है।
अधिवक्ता शर्मा ने मौलिक अधिकारों के विषय में विस्तार से बताया उन्होंने संविधान द्वारा दिए गए समानता, स्वतंत्रता और गरिमापूर्ण जीवन जीने के अधिकारों के बारे में भी बताया। साइबर अपराध पर बोलते हुए उन्होंने फिशिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर बुलिंग और डिजिटल फुटप्रिंट के खतरों के बारे में युवाओं को सतर्क किया और साइबर सुरक्षा के उपाय बताए।
पॉक्सो एक्ट पर बात करते हुए शर्मा ने (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज) के महत्व और इसके प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला, विशेषकर इस बात पर कि कैसे यह एक्ट नाबालिगों की सुरक्षा के लिए एक मजबूत कवच है और युवाओं को इसके प्रति क्यों संवेदनशील होना चाहिए।
कार्यक्रम के समापन पर कॉलेज प्रशासन द्वारा मुख्य वक्ता को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ. विजय सिंह, प्राध्यापक अजय समेत स्टाफ के सभी सदस्य और भारी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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