Monday, May 18, 2026
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महर्षि भगवान वाल्मीकि एक समाज के ना हो करके संपूर्ण समाज के थे : विजय जैन

By LALIT SHARMA , in RELIGIOUS , at October 10, 2022 Tags: , , , ,

BOL PANIPAT : पानीपत ग्रामीण हलके के उद्योगपति व समाजसेवी पार्षद विजय जैन ने आज गांव गंज बढ़ सनौली रोड महर्षि  वाल्मीकि मंदिर गढ़ी सिकंदरपुर सब्जी मंडी सनौली रोड और राजा खेड़ी में जाकर के भगवान महर्षि वाल्मीकि प्रकट उत्सव पर बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे और लोगों ने धूमधाम से जयंती मनाई। मुख्य अतिथि जैन का लोगों ने जगह-जगह फूल मालाओं और पगड़ी पहनाकर के भव्य स्वागत किया। लोगों को संबोधित करते हुए विजय जैन ने कहा है कि महर्षि भगवान वाल्मीकि एक समाज के ना हो करके संपूर्ण समाज के थे. उन्होंने सर्व समाज में ख्याति प्राप्त की. उन्होंने कहा है कि हमें महर्षि वाल्मीकि के दिखाए मार्ग पर चलकर के अपने बच्चों को शिक्षित करना चाहिए।  भगवान वाल्मीकि जी ने लगभग 5000 वर्ष पूर्व ही रामायण की रचना कर दी थी।  इसलिए वह रामायण के रचेता कहे गए।  उन्होंने कहा कि हमें महर्षि वाल्मीकि के दिखाए मार्ग पर चलकर के ही अपने बच्चों को शिक्षित और सामाजिक कार्य करने का ज्ञान देना चाहिए। मैं महर्षि वाल्मीकि के वंशजों से अपील करता हूं कि वह अपने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें ताकि समाज का भी विकास हो और देश का भी विकास हो।  उन्होंने कहा  कि पढ़ा-लिखा समाज ही तरक्की कर सकता है इस अवसर पर वाल्मीकि समाज के प्रधान मामराज वाल्मीकि गोविंद आलोट बिट्टू वाल्मीकि संजय वाल्मीकि  शमशेर वाल्मीकि सतपाल राणा रमेश डांगी रविंद्र शर्मा बलदेव हनुमान अरोड़ा सुरेंद्र वाल्मीकि राममेहर वाल्मीकि आदि लोग उपस्थित थे

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