एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में मेगाटेलेंट हंट शो का भव्य एवं रंगारंग आयोजन
कुरुक्षेत्र विश्वविधालय के युवा एवं सांस्कृतिक विभाग के निर्देशानुसार हुआ आयोजन
नृत्य में शबाना एवं सपना,गायन में जन्नत, वादन में अरुण, मोनो-एक्टिंग में अजय, मिमिक्री में विशाल और पेंटिंग प्रतियोगिता में साहिल ने बाजी मार पाया प्रथम स्थान
ऐसे आयोजन न सिर्फ युवाओं के हुनर को पंख बल्कि उन्हें हौसला और आत्मविश्वास भी देतेहै: डॉ अनुपम अरोड़ा
BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में छात्र-छात्राओ में छिपी प्रतिभा एवं टैलेंट को उजागर करने हेतू तथा उन्हें उचित मंच प्रदान करने के उद्देश्य से टेलेंट हंट शो आयोजन के दूसरे दिन नृत्य, गायन, वादन, पेंटिंग, मिमिक्री और मोनो-एक्टिंग की प्रतियोगिताए कराई गई.नृत्य में शबाना एवं सपना, गायन में जन्नत, वादन में अरुण, मोनो-एक्टिंग में अजय, मिमिक्री में विशाल और पेंटिंग प्रतियोगिता में साहिल ने बाजी मारी और लगभग 250 प्रतिभागियों को पछाड़ते हुए प्रथम स्थान पर कब्ज़ा किया. दूसरे दिन के कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत एसडी पीजी कॉलेज प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने की. उनके साथ कॉलेज में सांस्कृतिक गतिविधियों की प्रभारी डॉ संगीता गुप्ता, आज के कार्यक्रम की सूत्रधार डॉ मोनिका खुराना समेत अन्य प्राध्यापक भी उपस्थित रहे. विदित रहे की आज के सभी विजेता विद्यार्थियों को न सिर्फ पुरस्कारों एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा बल्कि उन्हें कुरुक्षेत्र विश्वविधालय के प्रतिष्ठित यूथ फेस्टिवल, रत्नावली तथा ऐसी ही अन्य बड़ी प्रतियोगिताओ और सांस्कृतिक गतिविधियों में कॉलेज का प्रतिनिधित्व करने का अवसर भी मिलेगा. इस को लेकर कॉलेज प्रशासन प्रत्येक वर्ष कला के क्षेत्र में माहिर कलाकारों और महारथियों को आमंत्रित करके इन उभरते कलाकारों के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था भी करता है ताकि वे कला के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना सके.
‘बावन गज का दामण पहन मटक चालूँगी’, ‘यो सुथरा लागे सूट’, ‘रामजी ने जोबन दिया’, ‘मोहे रंग दे’, ‘छोकरा जवान रे’, ‘मित्रांदा ना चलदा’, ‘दिलबर दिलबर’, ‘चिकनी चमेली’, ‘वो है रंगीला छेल छबीला, ‘तेरी अंखिया ने लिखे लव लैटर’, ‘तेनू काला चस्मा जचदा ए’, ‘हाई हील्स ते नाचे’, पंजाबी गीत ‘ख्वाब’, ‘बीट पे बूटी’, ‘मैं नाचू आज छम छम छम’ आदि गीतों पर छात्र-छात्राओ ने खचाखच भरे हाल में पूरे जोशो-जूनून के साथ पाश्चात्य और भारतीय नृत्य पेश किये और उनके साथ दर्शक भी जम कर थिरके. गायन, मोनो-एक्टिंग, पेंटिंग, मिमिक्रीऔर वादन प्रतियोगिताओंमें भी विद्यार्थियों का प्रदर्शन सर्वोत्तम रहा.
पवन गोयल प्रधान ने अपने सन्देश में कहा की समय रहते बहुमुखी व्यक्तित्व का निर्माण अगर हो जाए तो हमें सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है.सह-पाठ्यचर्या और सांस्कृतिक गतिविधियों के बिना शिक्षा अधूरी है. इस प्रकार के कार्यक्रमों से सांस्कृतिक मूल्य प्रचारित होते है और हमेंनया सीखने का अनुभव मिलता है. नेतृत्व के गुण और नैतिक मूल्यों में वृद्धि का इनसे बढ़िया साधन अन्यत्र कहीं नहीं है.

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा की अब विद्यार्थी पढ़ाई के अलावा भी अन्य दूसरे क्षेत्रो मेंअपना भविष्य बना सकते है.जीवन कोअर्थपूर्ण, उद्देश्यपूर्ण एवं उर्जावान बनाए रखने के लिए अध्ययन के साथ-साथइस प्रकार की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियों में भाग लेना आवश्यकहै.उन्होनें कहा की पंख ही काफी नहीं हैं आसमानों के लिए
हौसला भी चाहिए ऊँची उड़ानों के लिए और इस प्रकार के आयोजनों से छात्र-छात्राओं में हौंसला पैदा होता है और उनका आत्म-विश्वास बढ़ता है. कुरुक्षेत्र विश्वविधालय द्वारा आयोजित वार्षिक युवा महोत्सव, रत्नावलीएवंइसी प्रकार के अन्य अंतर-महाविधालय और अंतर-विश्वविधालयमें आयोजित प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर इनयुवाओं को मिलेगा जिसका इन्हें जीवन में भरपूर लाभ मिलेगा.
नृत्य प्रतियोगिता का परिणाम –
प्रथम शबाना बीए-प्रथम
सपना बीए-प्रथम
द्वितीय वंदना बीए-प्रथम
जिया बीकॉम-प्रथम
तृतीय शीतल बीए-प्रथम
तन्नु बीए-प्रथम
सांत्वना इमराना बीए-प्रथम
गायन प्रतियोगिता का परिणाम –
प्रथम जन्नत बीए-प्रथम
द्वितीय मोनिया बीए-प्रथम
तृतीय निशा बीए-प्रथम
वादन प्रतियोगिता का परिणाम –
प्रथम अरुण बीए-द्वितीय
द्वितीय शोबित बीए-द्वितीय
तृतीय अभिषेक बीए-तृतीय
मोनो-एक्टिंग प्रतियोगिता का परिणाम –
प्रथम अजय बीए-द्वितीय
द्वितीय सुमित बीए-तृतीय
तृतीय सचिन बीए-द्वितीय
पेंटिंग प्रतियोगिता का परिणाम–
प्रथम साहिल बीए-प्रथम
द्वितीय निशांत बीए-प्रथम
तृतीय तृप्ति एमएससी भौतिकी-द्वितीय
सांत्वना तन्नु नरवाल बीए-तृतीय
हर्ष वधवा बीकॉम-तृतीय
मिमिक्री प्रतियोगिता के परिणाम –
प्रथम विशाल बीए-तृतीय
द्वितीय सुप्रिया बीए-द्वितीय
तृतीय यशप्रीत बीए-द्वितीय
इस अवसर पर स्टाफ सदस्यों में डॉ संगीता गुप्ता,डॉ एसके वर्मा, डॉ मोनिका खुराना, डॉ संतोष कुमारी, डॉ सुशीला बेनीवाल,डॉ राहुल जैन, प्रो जगमती सांगवान, प्रो कविता, प्रो किरण मालिक, प्रो यशोदा अग्रवाल, दीपक मित्तल मौजूद रहे.

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