Tuesday, July 28, 2026
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एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में श्री शीतल दास  जैन फाउंडेशन द्वारा ‘हम किसी से कम नहीं’ कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान 

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at February 20, 2026 Tags: , , , , ,

-श्री शीतल दास जैन फाउंडेशन उच्च शिक्षा ग्रहण करने के इच्छुक प्रतिभावान विद्यार्थियों की मदद को सैदेव तत्पर: कपिल जैन,मैनेजिंग ट्रस्टी

BOL PANIPAT , 20 फरवरी, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में श्री शीतल दास जैन फाउंडेशन द्वारा ‘हम किसी से कम नहीं’ कार्यक्रम में 300 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया  । कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कपिल जैन मैनेजिंग डायरेक्टर श्री शीतल दासजैन फाउंडेशन और ऋतू जैन ट्रस्टी ने भाग लिया और 80 प्रतिशत से अंक पाने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका हौंसला बढाया । मेहमानों का स्वागत प्रधान दिनेश गोयल और प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने पौधे-रोपित गमलें भेंट करके किया । विदित रहे कि श्री शीतल दास जैन फाउंडेशन बिना किसी बाहरी फंडिंग के उत्सुक, महत्वाकांक्षी, प्रतिभाशाली शिक्षार्थियों की पहचान करता है जो सामाजिक, आर्थिक या अन्य बाधाओं के कारण अपनी शैक्षणिक खोज से वंचित हो जाते हैं । ऐसे विद्यार्थियों की आवश्यक वित्तीय सहायता, पुस्तकें और परामर्श देकर उनकी मदद की जाती है । फाउंडेशन अब तक 166 पार्टनर संस्थानों के माध्यम से 1344 विद्यार्थियों को उनकी शिक्षा हेतु स्कालरशिप प्रदान कर चुकी है । कार्यक्रम के पश्चात सभी मेधावी छात्रों को स्वादिष्ट भोजन खिलाया गया । मंच संचालन डॉ मोनिका खुराना ने किया । 

कपिल जैन मैनेजिंग डायरेक्टर श्री शीतल दास जैन फाउंडेशन ने कहा कि साल 2022 में रिषभ कुमार और सुरेन्द्र कुमार के मन में भाव पैदा हुआ कि जिस तरह से उनके पिता के पास उन्हें उच्च शिक्षा ग्रहण कराने के लियें अधिक सुविधायें नहीं थी, तो ऐसे कितने बच्चे होंगे जो आज के समय में उच्च सिक्षा ग्रहण करना चाहते है लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वे पढ़ नहीं पातें है । एसएसडीजे फाउंडेशन एक पारिवारिक ट्रस्ट है जो अपने स्वयं के फंड का उपयोग करता है और परिवार के सदस्यों द्वारा इसकी देख-रेख की जाती है । यह किसी भी बाहरी फंडिंग की मांग नहीं करता है । इसका उद्देश्य उन उत्सुक, महत्वाकांक्षी, प्रतिभाशाली शिक्षार्थियों की पहचान करना है जो सामाजिक, आर्थिक या अन्य बाधाओं के कारण अपनी शैक्षणिक खोज से वंचित हो जाते हैं । फिर उन्हें आवश्यक वित्तीय सहायता और सलाह देकर उनकी मदद की जाती है । इसका लक्ष्य शिक्षा, विशेष कोचिंग, ट्यूशन सहायता और कौशल विकास प्रदान करना है ताकि जरूरतमंद बच्चों की क्षमता को बढ़ाया जा सके जिससे वे अपने अधिक संपन्न समकक्षों के बराबर प्रतिस्पर्धा कर पाए । समान लक्ष्य रखने वाले अन्य संगठनों के साथ साझेदारी सहित प्रभावशाली कार्यक्रमों को बढ़ावा देना और उनमें भाग लेना भी इस संस्था का एक उद्देश्य है ।

श्री कपिल जैन ने कार्यक्रम में विद्यार्थियों से राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, संविधान और भारतीय विषयों पर कुछ प्रश्न पूछे । प्रत्येक प्रश्न का उत्तर किसी न किसी विद्यार्थी ने दिया । उन विद्यार्थियों को उसी समय उनकी संपूर्ण आगामी शिक्षा का आर्थिक वहन श्री शीतल दास जैन फाउंडेशन द्वारा उठाने की घोषणा की । इससे पूर्व भी कॉलेज में शिक्षा ग्रहण कर रहे अनेक विद्यार्थियों को फाउंडेशन से सहयोग मिला है जैसे  :

मुक्ति – बी.ए. फाइनल ईयर, 20200 रुपये का सहयोग

सारा – एम.ए. फाइनल ईयर, 30300 रुपये का सहयोग

हरजीत – एम.एस.सी. फाइनल ईयर, 46500 रुपये का सहयोग

ख़ुशी – बी.ए. फर्स्ट ईयर, 4000 रुपये का सहयोग

नेहा  – एम.एस.सी. फाइनल ईयर, 23100 रुपये का सहयोग

इस वर्ष के लिए पुन: मेधावी परंतु आर्थिक बाधा का सामना कर रहे विद्यार्थियों को फाउंडेशन स्पॉन्सर करेगा ।

इस अवसर पर श्री शीतल दास जैन फाउंडेशन ने दिल्ली से विश्व विख्यात मोटिवेशनल स्पीकर डॉक्टर गौरव कपूर को आमंत्रित किया । जो पिछले 25 वर्षों से काउंसलिंग और मोटिवेशन के क्षेत्र में स्कूलों, कॉलेजों और कंपनियों को अपनी सेवा दे रहे हैं । वर्तमान में वह  भारत, सिंगापुर, हांगकांग और सऊदी अरब आदि अनेक देशों के 200 से अधिक शिक्षण संस्थानों के पैनल पर है । डॉक्टर गौरव कपूर ने विद्यार्थियों को ड्रीम और गोल के बीच अंतर समझाए । जीवन में लक्ष्य साधने के छोटे-छोटे सिद्धांतों को उदाहरण के साथ प्रस्तुत किया । उन्होंने स्मार्ट (SMART) S – Specific (निर्धारित), M – Measurable (मापने योग्य), A – Achievable (प्राप्त करने योग्य) R – Realistic (वास्तविकता आधारित), T – TimeBound (समयबद्ध) स्ट्रेटजी से उल्लेख किया और सफलता प्राप्ति के लिए किस प्रकार व्यक्तित्व में धैर्य, क्षमता और भावनात्मकता संतुलन को धारण किया जाए इस पर चर्चा की ।

डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि किसी भी समाज की खुशहाली के लिए प्रतिभा एक आवश्यक तत्व है । संपन्न वर्गों में प्रतिभाशाली लोग तरक्की करते हैं और अपने दम पर समाज की सेवा करने के लिए तैयार रहते हैं । वहीं, समाज के वंचित वर्गों में मौजूद प्रतिभा आमतौर पर बाहरी वित्तीय या अन्य सहायता के अभाव में सुप्त अवस्था में रहती है या लुप्त हो जाती है । इस फाउंडेशन ने व्यक्तिगत स्तर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभाशाली लोगों को खोजने में बिताए हैं । ऐसे कई प्रतिभाशाली लोगों को निखारना फाउंडेशन का मुख्य उद्देश्य है । यह फाउंडेशन पूरी तरह से परिवार के व्यक्तिगत योगदान पर निर्भर है जो चिरस्थायी रूप से जारी है । अपने उद्देश्य को केंद्रित रखने और प्रभावी असर डालने के लिए फाउंडेशन अपनी सेवाओं को पानीपत क्षेत्र तक ही सीमित रखने का प्रयास करता है जो अत्यंत दूरदर्शी और सराहनीय सोच है ।

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