Thursday, June 4, 2026
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मिड-डे-मील कार्यकर्ता यूनियन हरियाणा रजि.नं.2077 ने 11 सूत्री प्रमुख मांगों का एक ज्ञापन शिक्षा मंत्री के नाम दिया

By LALIT SHARMA , in SOCIAL , at June 5, 2025 Tags: , , ,

BOL PANIPAT , 5 जून, केंद्रीय श्रमिक संगठन, एआईयूटीयूसी से सम्बन्धित मिड-डे-मील कार्यकर्ता यूनियन हरियाणा रजि.नं.2077 के आह्वान पर आज प्रदेश भर से हजारों मिड-डे-मील कूक स्थानीय देवीलाल पार्क में इकट्ठी हुई। वहां से एक विशाल जुलूस की शक्ल में अपनी मांगों के नारे लगाते हुए उन्होंने हरियाणा सरकार के शिक्षा मंत्री के आवास की ओर कूच किया। ‘मिड-डे-मील कर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दो’, ‘कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न करना बन्द करो’, ‘यूनियन नेत्री कुसुम पांचाल को बहाल करो’, ‘इन्कलाब जिंदाबाद’ जैसे नारों से आसमान गूंज उठा। बैनर, पट्टिकाओं से सुसज्जित, अभूतपूर्व अनुशासन के साथ शिक्षा मंत्री के आवास पर पहुंच कर जुलूस धरने में बदल गया।

यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने वहां अपनी 11 सूत्री प्रमुख मांगों का एक ज्ञापन शिक्षा मंत्री के नाम उनके प्रतिनिधि मास्टर गुलाब सिंह को दिया और उनसे आग्रह किया कि शिक्षा मंत्री यथाशीघ्र यूनियन के प्रतिनिधिमंडल को बुला कर बातचीत करें और यूनियन की मांगों को सहानुभूतिपूर्वक अविलंब पूरा करें। यूनियन नेत्रियों ने बताया कि मिड-डे-मील कर्मी सबसे गरीब परिवारों से आती हैं। उनमें से बहुत सी विधवा हैं। गृहस्थी का पूरा खर्च उन्हें ही उठाना पड़ता है। सरकार महज 7,000 रुपए प्रतिमाह मानदेय देती है। परन्तु यह भी सिर्फ 10 महीने का ही दिया जाता है। जबकि स्कूलों में कार्यरत अन्य सभी कर्मचारियों को 12 महीने का वेतन दिया जाता है। न्याय का तकाजा है कि सरकार मिड-डे-मील कर्मियों को भी 12 महीने का मेहनताना दे और इसे बढ़ाकर प्रदेश में श्रमिक के लिए लागू न्यूनतम वेतन के समान करे। यूनियन की प्रदेश प्रधान राजबाला पालुवास ने बताया कि यह 7,000 रु. मासिक मानदेय भी उन्हें कई कई महीनों तक नहीं मिलता। हमारी मांग है कि सरकार हमें पूरे 12 महीने का मानदेय श्रमिक के लिए लागू न्यूनतम वेतन के समान हर महीने की 7 तारीख तक नियमित रूप से भुगतान करे। मिड डे मील कर्मियों को सरकार द्वारा साल में दो ड्रेस के महज 800 रुपए दिए जाते हैं। इतने में तो सिलाई के भी पूरे नहीं होते। दो ड्रेस के लिए कम से कम 3,000 रुपए सालाना दिए जाएं। रिटायरमेंट की उम्र 65 साल की जाए और रिटायर होने पर एकमुश्त 5 लाख रुपए की सहायता दी जाए। निःशुल्क चिकित्सा व अन्य सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाएं।

यूनियन प्रतिनिधिमंडल ने रोषपूर्वक बताया कि सेवारत मिड-डे-मील कूकों को मनमाने ढंग से झूठे आरोप लगाकर हटा दिया जाता है। हमारी यूनियन की महासचिव कुसुम पांचाल जो पूरे प्रदेश की कुकों की आवाज बन रही थी, उसे बिना कोई कारण बताए घोर मनमाने तरीके से नौकरी से हटा दिया गया। हम पुरजोर मांग करती हैं कि यूनियन नेत्री कुसुम पांचाल को तुरंत प्रभाव से कुक की नौकरी पर बहाल किया जाए और किसी भी मिड-डे-मील कर्मी को हटाया नहीं जाए।

मिड-डे -मील कर्मियों ने कहा कि सरकार की चिकनी-चुपड़ी बातों से काम नहीं चलेगा। ज्ञापन में दी गई 11 सूत्री बिल्कुल जायज मांगों को मंजूर कर हमारी समस्याओं का अविलंब समाधान किया जाए। अन्यथा आंदोलन को तीव्र करने के अलावा हमारे पास अन्य कोई उपाय नहीं बचता है।

मिड-डे-मील कार्यकर्ता यूनियन के आज के इस विशाल प्रदर्शन का नेतृत्व यूनियन की प्रदेश प्रधान राजबाला पालुवास और महासचिव कुसुम पांचाल, पुष्पा महेन्द्रगढ़, मुनेश देवी रेवाड़ी, अत्री पानीपत, रेखा सोनीपत, देवकी देवी नूंह, सुमन, बिमला दादरी, मीरा भिवानी, सन्तरा व मुकेश हांसी और एआईयूटीयूसी के प्रदेश उपाध्यक्ष ईश्वर सिंह राठी, प्रदेश सचिव हरि प्रकाश व सूबे सिंह यादव, राजकुमार बासिया, मेहरसिंह, धर्मबीर ने किया। पानीपत रैली में पूरे हरियाणा के सोनीपत, पानीपत, हिसार, भिवानी, दादरी, रोहतक, रेवाड़ी, महेन्द्रगढ़, झज्जर, नूंह, गुड़गांव, कैथल, करनाल आदि विभिन्न जिलों से मिड-डे-मील कर्मियों ने जोश-खरोश के साथ सक्रिय भागीदारी की।

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