सड़क सुरक्षा में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
डीसी-एसपी ने सडक़ सुरक्षा पर कसा शिकंजा, 20 सूत्रीय एजेंडे पर मंथन: अधिकारियों को सख्त निर्देश
दुर्घटनाएं रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता, ब्लैक स्पॉट से लेकर गड्ढों तक हर बिंदु पर होगा त्वरित समाधान
कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन अलर्ट, मार्गों की सफाई, रोशनी और यातायात व्यवस्था होगी चाक-चौबंद
BOL PANIPAT , 28 जुलाई। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने, यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने तथा कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बैठक में कहा कि सडक़ सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यातायात नियमों का उल्लंघन करने, ओवरस्पीड वाहन चलाने, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग करने तथा लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मंगलवार को जिला सचिवालय में आयोजित जिला सडक़ सुरक्षा समिति एवं सुरक्षित स्कूल वाहन नीति की समीक्षा बैठक में सडक़ सुरक्षा से जुड़े 20 सूत्रीय एजेंडे पर विस्तार से चर्चा करते हुए सभी विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक में मई एवं जून 2025 तथा 2026 के सडक़ दुर्घटना आंकड़ों की समीक्षा की गई। इसके अलावा जिले के ब्लैक स्पॉट, राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर सुरक्षा व्यवस्था, स्कूलों के सामने स्पीड ब्रेकर, सडक़ चौड़ीकरण, आरसीसी बैरियर, साइन बोर्ड, सीसीटीवी कैमरे, सर्विस लेन, रेलवे अंडरपास, मिनी बाईपास, नालों की सफाई, बरसात के दौरान जलभराव रोकने और क्षतिग्रस्त सडक़ों की मरम्मत सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जिन कार्यों में देरी हो रही है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि पंचायतों द्वारा निर्मित जिन संपर्क मार्गों का मुख्य सडक़ों से जुड़ाव है, वहां आवश्यकता के अनुसार स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि मुख्य चौराहों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और दुर्घटना संभावित स्थलों पर स्पीड लिमिट बोर्ड, चेतावनी संकेतक, रिफ्लेक्टर एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण तत्काल लगाए जाएं। साथ ही सडक़ चौड़ीकरण, गड्ढों की मरम्मत, बैरिकेडिंग, जल निकासी और अन्य अधूरे कार्यों को भी प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में निर्णय लिया गया कि उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ एवं पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह 30 जुलाई को संयुक्त रूप से जिले के विभिन्न सडक़ मार्गों, दुर्घटना संभावित स्थलों तथा कांवड़ मार्गों का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान मौके पर व्यवस्थाओं का जायजा लेकर आवश्यक सुधार कार्यों की समीक्षा की जाएगी तथा संबंधित विभागों को तत्काल दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
कांवड़ यात्रा को लेकर भी बैठक में विशेष रणनीति तैयार की गई। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कांवड़ मार्गों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, नियमित सफाई, बैरिकेडिंग, पेयजल, सुचारु यातायात प्रबंधन तथा पुलिस बल की प्रभावी तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से जाटल रोड सहित प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और आम नागरिकों को भी अनावश्यक परेशानी से बचाने के लिए व्यापक योजना तैयार करने पर जोर दिया गया।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि सडक़ सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज की सांझा जिम्मेदारी भी है। यदि नागरिक यातायात नियमों का ईमानदारी से पालन करें तो अधिकांश दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ब्लैक स्पॉट समाप्त करने, सुरक्षित सडक़ ढांचा विकसित करने तथा प्रत्येक विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी, वहीं जनहित से जुड़े सभी सुरक्षा कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समय पर पूरा कराया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। सभी संवेदनशील मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा तथा यातायात व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ मार्गों पर किसी प्रकार की अव्यवस्था या बाधा नहीं होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे यातायात नियमों का पालन करें, पुलिस और प्रशासन का सहयोग करें तथा सुरक्षित और अनुशासित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं। बैठक में एसडीएम मनदीप कुमार, समालखा एसडीएम अमित कुमार, इसराना एसडीएम नवदीप नैन, नगराधीश टीनू पोसवाल, डीडीपीओ राजेश शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा, सीएमओ डॉ. विजय मलिक, आरटीओ डॉ. नीरज जिंदल, एडवोकेट संदीप जिंदल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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