हरियाणा कृषि विकास मेले में मिलेगी कृषि संबंधी नई-नई जानकारियां.
-कृषि संबंधी समस्याओं का मौके पर होगा निदान -उपायुक्त डॉक्टर वीरेंद्र कुमार दहिया
– मेले में बाटेंगे 30 लाख के इनाम, किसान ट्रैक्टर तक भी जीत सकते हैं कृषि मेले में
BOL PANIPAT ,7अक्टूबर।
उपायुक्त डॉक्टर वीरेंद्र कुमार दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में 8 अक्तूबर से आरंभ होने वाले तीन दिवसीय हरियाणा कृषि विकास मेला-2023 में किसानोंं को विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा विभिन्न बीजों की उन्नत किस्में, फर्टीलाइजर, इनसेक्टीसाइड-पेस्टीसाइड, मशीनरी, कृषि से संबंधित नवाचारों, रसायनों रहित जैविक खेती के बारे में नई-नई जानकारियां प्रदान की जाएगी ताकि मेले में प्राप्त जानकारी से किसान फसलों की उन्नत किस्मों का लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ा सकें।इस तीन दिवसीय हरियाणा कृषि विकास मेला में मोटा अनाज विषय पर काम करने वाले किसान, कृषि से संबंधित विभाग, स्टार्टअप्स व विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों की प्रौद्योगिकियां व उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे।
उपायुक्त ने बताया कि मेले में तीनों दिन पंजीकृत किसानों का लकी ड्रा निकाला जाएगा, जिसमें इनाम के तौर पर उन्हें ट्रैक्टर जीतने का मौका मिलेगा। मेले में किसानों को करीब 30 लाख रुपये तक के इनाम वितरित किए जाएंगे। लकी ड्रा के दौरान किसानों का मौके पर मौजूद होना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि उम्दा फसल उत्पादन करने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए इस अवसर पर फसल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के प्रकाशनों की बिक्री भी होगी। उन्होंने बताया कि किसानों के मनोरंजन के लिए तीनों दिन हरियाणावी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
मेला में कृषि व औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े विषयों पर एक कृषि औद्योगिक प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसमें 350 स्टालों की व्यवस्था होगी। इन स्टालों पर बीज, फर्टीलाइजर, इनसेक्टीसाइड-पेस्टीसाइड, सेल्फ हेल्प ग्रुप, मशीनरी, मोटा अनाज विषय पर काम करने वाले किसान, कृषि से संबंधित विभाग, स्टार्टअप्स व विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों की प्रौद्योगिकियां व उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे।
मेले के दौरान आने वाले किसानों की खेतीबाड़ी संबंधी सभी समस्याओं के समाधान के लिए किसान गोष्ठियों का आयोजन होगा जिनमें विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक किसानों की कृषि व पशुपालन संबंधी समस्याओं का हल बताएंगे। इसके साथ आंगतुक किसानों को विश्वविद्यालय के अनुसंधान फार्म का भ्रमण करवाकर वैज्ञानिकों द्वारा उगाई गई खरीफ फसलें दिखाई जाएगी और इन फसलों में वैज्ञानिकों द्वारा प्रयोग की गई प्रौद्योगिकी के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी जाएगी।

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