Wednesday, July 8, 2026
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रेडक्रॉस के तीन दिवसीय प्रशिक्षण का समापन, एनएफएल कर्मचारियों ने सीखे जीवन रक्षक प्राथमिक उपचार

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at July 8, 2026 Tags: , , , , ,

आपदा और दुर्घटना में तुरंत मदद को तैयार होंगे कर्मचारी, व्यवहारिक प्रशिक्षण से बढ़ा आत्मविश्वास

BOL PANIPAT , 8 जुलाई। औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड) में आयोजित तीन दिवसीय व्यवसायिक प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण कार्यक्रम का बुधवार को समापन हुआ।

  अंतिम दिन जिला कल्चर कोऑर्डिनेटर एवं फस्र्ट एड लेक्चरर संदीप रत्तेवाल ने प्रतिभागियों को विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षक प्राथमिक उपचार की व्यवहारिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के बाद अस्पताल पहुंचने से पहले दिया गया सही प्राथमिक उपचार कई बार मरीज की जान बचा सकता है। इसलिए प्रत्येक कर्मचारी के लिए प्राथमिक चिकित्सा का ज्ञान बेहद आवश्यक है।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बेहोशी की स्थिति में मरीज की देखभाल, रिकवरी पोजीशन, फ्रैक्चर एवं रीढ़ की हड्डी की चोट में सुरक्षित तरीके से मरीज को संभालने, सांप व कुत्ते के काटने, आग, गर्म तरल पदार्थ, रासायनिक एवं विद्युत जलन, गले में वस्तु फंसने (चोकिंग), धुएं या जहरीली गैस से दम घुटने, स्ट्रोक तथा विषाक्तता जैसी आपात स्थितियों में अपनाए जाने वाले प्राथमिक उपचार की विस्तृत जानकारी दी गई।    

  प्रशिक्षण को पूरी तरह व्यवहारिक बनाते हुए प्रतिभागियों से प्रत्येक तकनीक का अभ्यास भी कराया गया। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय सही निर्णय लेना, मरीज की स्थिति का आकलन करना और समय पर प्राथमिक उपचार देना ही एक प्रशिक्षित फस्र्ट एडर की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। प्राथमिक चिकित्सा का उद्देश्य मरीज की जान बचाना, उसकी स्थिति को गंभीर होने से रोकना और चिकित्सकीय सहायता मिलने तक उसे सुरक्षित रखना है।

    समापन अवसर पर एनएफएल प्रबंधन ने जिला रेडक्रॉस सोसायटी और प्रशिक्षक संदीप रत्तेवाल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण औद्योगिक संस्थानों में सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करने के साथ-साथ कर्मचारियों में मानव सेवा की भावना भी विकसित करते हैं। प्रशिक्षण प्राप्त कर्मचारियों ने इसे अत्यंत उपयोगी और जीवन रक्षक बताते हुए कहा कि अब वे किसी भी दुर्घटना या आपातकालीन स्थिति में अधिक आत्मविश्वास के साथ जरूरतमंदों की सहायता कर सकेंगे।

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