अब सीएससी से भी करवा सकते है किसान बीमा
दस्तावेजों की सही निगरानी करना अनिवार्य: हरबंस
BOL PANIPAT , 14 दिसंबर। सरकार द्वारा किसानों को फसलों में होने वाले प्राकृतिक नुकसान से संबल देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरू की गई है और अब चालू रबी सीजन के लिए नामित फसलों का बीमा 31 दिसंबर 2022 तक होना हे। इसलिए ऋणी व गैर ऋणी किसान अब केवल बैंक से ही नहीं बल्कि कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से भी अपनी फसल का बीमा करवा सकते हैं। यह विचार कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पानीपत के सहायक सांख्यिकी अधिकारी हरबंस लाल ने मडलौडा में आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में व्यक्त किए। उन्हेांनं बताया कि पहले यह योजना ऋणी किसानों के लिए जरूरी तथा गैर-ऋणी किसानों के लिए वैकल्पिक थी, परंतु खरीफ-2020 से दोनों प्रकार के किसानों के लिए इसे वैकल्पित कर दिया गया है। फिर भी केसीसी के माफिक ऋणी कि सान जो इस योजना में शामिल नहीं होना चाहते हैं, उन्हें 24 दिसंबर तक संबंधित बैंक में लिखित में देना होगा, अन्यथा बैंक द्वारा उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर बीमा कर दिया जाएगा। उन्होंने किसानों से अनुुरोध किया कि यदि किसी किसान द्वारा पूर्व नियोजित फसल के स्थान पर कोई दूसरी फसल लगाई गई है तो इसकी सूचना भी 27 दिसंबर तक अपने बैंक में देनी होगी ताकि फसल नुकसान की स्थिति में क्लेम लेने में कोई दिक्कत न हो। उन्होंने सीएससी संचालकों से अनुरोध किया कि वे फसल का बीमा करते समय संबंधित भूमि की जमाबंदी, किसाना का आधार कार्ड, फसल बुआई प्रमाण-पत्र व बैंक पासबुककी स्पष्टï व साफ प्रति भी भिजवाएं ताकि बीमा कंपनी दस्तावेजों में मीन-मेख न निकाले और किसान को नुकसान की दशा में अपनी फसल का मुआवजा समय पर मिल सके। उन्होंने किसानों से भी अनुरोध किया कि फसल बीमा योजना का लाभ लेने के लिए अपनी फसल का पंजीकरण मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अवश्य करवाएं। इस अवसर पर सीएससी मैनेजर नीरज कुमार ने भी किसानों को समय पर अपनी फसलों का बीमा करवाने के लिए प्रेरित किया।
-वैन से किया जा रहा है प्रचार
उप कृषि निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि किसानों को रबी सीजन की फसलों का बीमा करवाने के लिए न केवल विभागीय अधिकारियों द्वारा बल्कि प्रचारक वैन के माध्यम से भी जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह ही प्रचारक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया था जो जिला पानीपत के सभी पाँचों खण्डों के 198 गावों मे जाकर किसानों को फसल बीमा योजना के बारे में जागरूक कर रही है और किसान किस प्रकार से बीमा करवा सकते हैं और क्या-क्या दस्तावेज चाहिए, इस सब की जानकारी भी दी जा रही है।

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