आईक्यूएसी की ओर से ई कंटेंट व मूक डेवलपमेंट पर एक दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन.
BOL PANIPAT: 31 जनवरी 2025, आर्य कॉलेज की आइक्यूएसी द्वारा ई कंटेंट व मुख डेवलपमेंट पर एक वर्कशॉप को आयोजन किया गया। इस वर्कशाप के आयोजन के लिए प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता ने आइक्यूएसी के समन्वयक डॉक्टर सतवीर सिंह व सह समन्वय प्रोफेसर पंकज चौधरी को बधाई दी। इस वर्कशॉप में ओकी डॉकी कंपनी के आई टी प्रोफेशनल्स रमन शर्मा, विश्वास कुमार, सुल्तान सिंह ने शिरकत की। प्राचार्य डॉक्टर जगदीश गुप्ता ने इनका कॉलेज में पहुंचने पर स्वागत किया।
प्राचार्य डॉक्टर जगदीश गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा ई कंटेंट डेवलपमेंट आज के डिजिटल युग की आवश्यकता बन चुका है ई-कंटेंट डेवलपमेंट से हम किसी भी समय कहीं पर भी कुछ भी सीख सकते हैं आज हर एक प्राध्यापक को नई-नई तकनीको का ज्ञान होना बहुत ही आवश्यक है इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए कॉलेज की आइक्यूसेल द्वारा समय-समय पर इस तरह की वर्कशॉप का आयोजन किया जाता है।
प्रोफेसर डॉ सतवीर सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा की कंटेंट डेवलपमेंट व मूक न केवल बनाना आवश्यक है बल्कि कैरियर एडवांसमेंट स्कीम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी है उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सभी शिक्षक साथियों से मेरा अनुरोध कि वह यूजीसी की गाइडलाइंस के अनुसार ई कंटेंट को डेवलप करने का कार्य आरंभ करें। इसके लिए जल्द ही आइक्यूएसी गाइडलाइन जारी करेगी।

प्रोफेसर पंकज चौधरी ने अपने वक्तव्य में एक विस्तृत प्रेजेंटेशन के द्वारा ई कंटेंट व मूक क्या होता है, कैसे डेवलप किया जाता है व इसके कौन-कौन से महत्वपूर्ण अंग होते हैं उन्होंने अपने संबोधन में बताया की ई कंटेंट और मूक में क्या क्या अंतर है मूक डेवलपमेंट के लिए यूजीसी की अहर्ताएं व राष्ट्रीय स्तर पर कौन-कौन से समन्वयक इसके लिए नियुक्त किए गए हैं हमारा महाविद्यालय स्वयं का लोकल चैप्टर है तो अगर कोई टीचर खुद स्वयं से कोर्स करना चाहता है या कोई विद्यार्थी स्वयं के कोर्स के लिए अपने आप को इनरोल करना चाहता है तो वह कॉलेज को ऐसे लोकल चैप्टर सेलेक्ट करेगा जिसका सारा डाटा एक रिकॉर्ड के रूप में कॉलेज के पास व्यवस्थित रहेगा ई कंटेंट व मूक डेवलपमेंट के लिए आइक्यूएसी एक कमेटी का गठन करेगा और जिसमें प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर,कोर्स कोआर्डिनेटर व कंटेंट डेवलपर की भूमिका और उनकी जिम्मेदारियां आदि को निर्धारित की जायेंगी
आकी-डाकी के आईटी प्रोफेशनल्स द्वारा विस्तार से कॉलेज के पोर्टल पर जो एलएमएस उनकी कंपनी द्वारा विकसित किया गया है उसके बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई उन्होंने बताया किस तरह से एक प्राध्यापक अपने ई कंटेंट को कॉलेज के एलएमएस पर अपलोड कैसे कर सकते है I विद्यार्थियों को वह किस तरह से उपलब्ध होगा व असेसमेंट किस तरह बनाएगा और कैसे उनका मूल्यांकन होगा इसके बारे में चर्चा की इसके अलावा कोई भी विभाग अध्यक्ष, कोई भी फैकल्टी मेंबर अगर कोई रिसर्च व कोई विधा आयोजित करता है तो उसका प्रूफ कॉलेज की वेबसाइट पर कैसे उपलब्ध करना होगा, इसके बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
धन्यवाद नोट व मंच संचालन प्रोफेसर पंकज चौधरी द्वारा किया गया
इस वर्कशॉप में कॉलेज की उपाचार्या डॉ. अनुराधा सिंह, डॉ. गीतांजलि धवन, कॉमर्स के विभाग अध्यक्षा डॉ मधु गाबा, डॉ. बलकार सिंह, डॉ. मनीष डुडेजा, प्रोफेसर आस्था गुप्ता, डॉ. शिवनारायण, डॉ रमेश सिंगला, प्रोफेसर उमेद सिंह व अन्य सभी स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।

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