Thursday, June 18, 2026
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खजाना कार्यालय से केवल डीडीओ या अधिकृत मैसेंजर ही लेन देन कर सकते है : हजारा सिंह

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at August 30, 2022 Tags: , , , ,

BOL PANIPAT , 30 अगस्त। जिला खजाना अधिकारी हजारा सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि खजाना कार्यालय से केवल डीडीओ या अधिकृत मैसेंजर ही लेन देन कर सकते है। एलटीसी, कंटीजैन्सी या अन्य बिलों पर लगने वाले 20 प्रतिशत के बजट के कट से खजाना कार्यालय का कोई सम्बन्ध नहीं है। बिलों पर लगने वाले 20प्रतिशत के बजट के कट को सम्बन्धित विभाग अपने मुख्यालय से सम्पर्क कर हटवा सकते है। खजाना कार्यालय को 1 लाख रूपये तक के कंटीजैन्सी बिल पास करने की स्वीकृति है। 1 लाख रूपये से अधिक के कंटीजैन्सी बिल वेज एण्ड मीनस शाखा मे चले जाते है। वेज एण्ड मीनस शाखा से बिल वापिस आने का कोई नियमित समय नहीं है। वेज एण्ड मीनस शाखा से बिलों की स्वीकृति आने के बाद ही खजाना कार्यालय द्वारा बिलों को वैरिफाई किया जाता है। सभी विभाग बिलों के स्टेटस में ईपीएस डीलिवर दर्शाए जाने उपरान्त ही खजाना कार्यालय से ईपीएस प्राप्त करने पंहुचे। खजाना कार्यालय में पब्लिक डिलिंग प्रत्येक कार्य दिवस में प्रात: 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक का समय निर्धारित है। किसी भी कार्य के लिए निर्धारित समय के दौरान खजाना कार्यालय में उपस्थित होकर कार्य करवा सकते है।

उन्होंने बताया कि खजाना कार्यालय में बिल प्रस्तुत करते समय टोकन रजिस्टर साथ लेकर आए और बिल का इंदराज टोकन रजिस्टर में अवश्य करें। खजाना एवं लेखा विभाग, हरियाणा द्वारा किसी भी बिल को खजाना कार्यालय से पास करवाने के लिए तीन कार्य दिवस का समय निर्धारित किया गया है। सभी विभाग खजाना कार्यालय से अन्तिम दिन ही अपने-अपने बिल प्राप्त करें। खजाना एवं लेखा विभाग, हरियाणा के आदेशानुसार खजाना कार्यालय में प्रस्तुत किए जाने वाले कंटिजैन्सी बिलों के प्रत्येक सब वाऊचर पर डिजिटल हस्ताक्षर(समय व दिनांक सहित) कर बिल संख्या व बिल दिनांक अंकित करना अति आवश्यक है अन्यथा बिल को रिजेक्ट कर दिया जाएगा। हरियाणा सरकार द्वारा जारी पत्र अनुसार पीडब्ल्युडी (भवन एवं सडक़े) व जन स्वाथ्य विभाग अपने अपने अधीन होने वाले वर्कस कार्यों को सरकार द्वारा स्वीकृति बजट के अन्दर ही करवा कर ही बिलों के साथ प्रमाण पत्र दें कि बिल में लागत वृद्धि का कोई घटक शामिल नही है ताकि अनावश्यक ऑबजैक्शन से बचा जा सके।

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