“विकसित भारत @ 2047 की राह में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चुनौतियां तथा अवसर” विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया
BOL PANIPAT: आई.बी.(पी.जी.)कॉलेज के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा एक व्याख्यान का आयोजन किया गया जिसका विषय “विकसित भारत @ 2047 की राह में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चुनौतियां तथा अवसर” रहा । इस व्याख्यान के लिए गवर्नमेंट कॉलेज फॉर वीमेन मडलोडा से मंजू शर्मा को आमंत्रित किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डा. अजय कुमार गर्ग ने मुख्य वक्ता को स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया। मुख्य वक्ता ने अपने व्याख्यान में बताया कि एक विकसित राष्ट्र बनने की राह में भारत के पास क्या-क्या अवसर है और किन चुनौतियों से गुजर कर ही भारत इस मुकाम को हासिल कर सकता है। उन्होंने बताया कि हमारे देश के 1.4 अरब लोग ही घरेलू और वैश्विक व्यवस्थाओं के लिए एक बड़ी प्रभावी मांग प्रदान करते हैं। यही कारण है कि वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारत में आर्थिक मंदी के प्रति अधिक प्रतिरोधक क्षमता है। रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में भी भारत के पास कईं संभावनाएं हैं। दूसरी ओर बढ़ता प्रदूषण, जॉब्लेस ग्रोथ, आय तथा संपत्ति में आर्थिक असमानताएं हमारे लिए बड़ी चुनौतियां हैं। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजय गर्ग ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज उद्यमियों की दुनिया है।उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में भारत में शुरू हुए कई सफल स्टार्टअप्स का उदाहरण दिया जो अपने अनोखे आइडिया से किसी न किसी समस्या का समाधान कर रहे हैं।उन्होंने विद्यार्थियों को अपने जीवन में भी आने वाली समस्याओं का सामना करके सफल होने के लिए प्रेरित किया। डॉ. अर्पणा गर्ग ने बताया कि वक्ता आई.बी. महाविद्यालय की ही छात्रा रही है और वक्तृत्व कौशल की धनी हैं । इस अवसर पर डॉ. सुनित शर्मा, डॉ. निधान सिंह, डॉ. अर्पणा गर्ग, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. चेतना नरुला, प्रॉ. हिमांशी, प्रो. सुखजिंदर, प्रो. मंजू नरवाल, प्रो. मंजू चंद और प्रो. मीना उपस्थित रहे।

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