Tuesday, February 10, 2026
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पीआरपीसी में “अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस का आयोजन”

By LALIT SHARMA , in Business , at February 22, 2022 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT :- 22 फरवरी, 2022, कर्मचारियों में उनकी मातृभाषा के प्रति स्नेह जगाने, भाषायी तथा सांस्कृतिक विविधता तथा बहुभाषावाद के विषय में जागरूकता बढ़ाने एवं जीवन में उमंग एवं उत्साह भरने के लिए पानीपत रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स (पीआरपीसी) में अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस का आयोजन किया गया। इस शुभ अवसर पर बहुभाषीय कविता पाठ कार्यक्रम का आयोजन 21 फरवरी, 2022 को सुबह 11.30 बजे से पीएनसी के अधिगम एवं विकास केंद्र में आयोजित किया गया । बहुभाषीय कविता  पाठ के इस कार्यक्रम का आयोजन श्रीमती महुआ बसु, मुख्य-महाप्रबन्धक  (मा. संसा.), पीआरपीसी की अध्यक्षता में किया गया।  इस अवसर पर श्री विवेक नारायण, महाप्रबंधक (प्र. व क.), पीआरपीसी भी उपस्थित थे।

कार्यक्रम के प्रारम्भ में, कविता पाठ करने हेतु आई सभी प्रतिभाओं का हार्दिक स्वागत किया गया इसके पश्चात सभी प्रतिभागियों ने अपना-अपना परिचय दिया।  कार्यक्रम में 40 प्रतिभागियों ने भारत की विभिन्न मातृभाषाओं जैसे असमिया, बांग्ला, गुजराती, हिन्दी, मलयालम, मराठी, उड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगू, उर्दू इत्यादि भाषाओं में कविता पाठ कर अपने उद्गारों से श्रोताओं को आनंदित किया। इस कार्यक्रम में कविता पाठ वीर, हास्य, करुण एवं श्रृंगार रस के भावों से ओत-प्रोत हुआ जिसने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस पहल के द्वारा पीआरपीसी में कार्यरत भारत के विभिन्न क्षेत्रों से आए कर्मचारियों की विविध संस्कृति, बौद्धिक विरासत तथा उनकी मातृभाषाओं का सम्मान करके उन्हें बढ़ावा देना भी था । कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने हिन्दी कविता – “कल चौराहे पर एक आदमी देखा”, “पिता”, “बैठ जाओ सपने की नाँव में”, “जीवन एक साधना”, बंगला कविता –“आमी सेई मेटी”, रूपोम, उर्दू में  गजल, गुजराती की कविता -जीवन तो बस घटना ओनु सरगस्य छै, कासुंबी नौ रंग,  मराठी की कविता –“ने मजषी ने परत मातृभूमिला”, ओड़िया भाषा की कविता –“मंगले आईला उषा”, मलयालम की कविता –“मेरे प्यारो झाड़”, हरियाणवी बोली में “यार पुराने” इत्यादि कविताओं का भावपूर्ण एवं लयात्मक ढंग से सभी प्रतिभागियों ने पाठ किया । 

पूरा कार्यक्रम अद्भुत एवं भाव विभोर एवं अपने उद्देश्य में सफल रहा क्योंकि विभिन्न मातृभाषाओं के लोग एकसाथ एक मंच पर आकर अपनी-अपनी भाषाओं के साथ-साथ सभी भाषाओं के लिए गर्व महसूस कर रहे थे।

कविता पाठ के उपरांत श्री विवेक नारायण महाप्रबंधक (प्र. व क.), ने प्रतिभागियों द्वारा किए गए उत्तम प्रयासों की सराहना करते हुये कहा कि कविता हमारे अंतर्मन के कोमल भावों को सहज ही व्यक्त कर देती है । उन्होने इस अवसर पर सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की कविता भिक्षुक, जयशंकर प्रसाद की कविता हिमाद्रि तुंग शृंग से तथा रामधारी सिंह दिनकर जी की कविताओं का भी स्मरण कराया ।

कार्यक्रम के अंत में श्रीमती प्रीति साह, हिन्दी अधिकारी ने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार प्रकट किया । प्रतिभागियों ने इस तरह के आयोजन के लिए इंडियन ऑयल के पीआरपीसी प्रबंधन का आभार प्रकट किया क्योंकि उन्हें अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस  के पावन अवसर पर अपनी मातृभाषा में कविता पाठ करने का अवसर प्रदान किया।

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