प्रकृति संस्कार यात्रा आज पहुंची पानीपत थर्मल पॉवर के परिसर में.
विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर थर्मल पावंर परिसर में हुआ विचार विमर्श
प्रकृति से दोस्ती के लिए प्रकृति संस्कार यात्रा का हुआ था शुभारम्भ
BOL PANIPAT : 28 जुलाई 2022, वन विभाग हरियाणा 73 वें वन महोत्सव के अवसर पर कुरूक्षेत्र के सरस्वती वन विहार से प्रकृति संस्कार यात्रा का शुभारम्भ किया था। विदित है कि अतिरिक्त मुख्य सचिव पी के दास की परिकल्पना पर हरियाणा के प्रधान मुख्य वन संरक्षक जगदीश चन्द्र ने भारत सरकार से विशेष पहल कर प्रकृति रक्षा में किताबें थीम पर प्रकृति संस्कार यात्रा का माध्यम बनाने के लिए पुस्तAक प्रदर्शनी वाहन को आमंत्रित किया। जिसमें शिक्षा विभाग भारत सरकार का पुस्तक प्रदर्शनी वाहन ‘‘ प्रकृति रक्षा में किताबें’ की अवधारणा को साकार करते हुए आज यह यात्रा थर्मल कालोनी पानीपत के परिसर में पहुंची है।
इस अवसर पर मुख्य अभियंता अमित दिलबागी ने कहा कि 28 जुलाई को प्रत्येक वर्ष विश्व प्रकृति दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य वर्तमान पीढ़ी तथा अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ पर्यावरण प्रदान करना है। साथ ही धरती पर निवास करने वाले जीव-जंतुओं, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने के लिए प्रेरित करना है। हमें उम्मीद है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए वन विभाग द्वारा किया गया पहल काफी सराहनीय है।
इस अवसर पर डी ए वी स्कूल थर्मल के प्राचार्य ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना हम पौधारोपण के माध्यम से ही कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से ही हमारी संस्कृति और पंरपरा में प्रकृति को महत्व दिया गया है। वृक्षों में तो साक्षात देवों का स्वरूप होता है, वेदों में कहा गया है कि प्रकृति के कण-कण में ईश्वर का वास होता है।
विमर्श में विचार रखते हुए नेशनल बुक ट्स्ट के प्रभारी श्री रोहित ने कहा कि आज के समय में ग्लोबल वार्मिग सबसे बड़ी समस्या के रूप में हमारे सामने आ रही है और इस समस्या का समाधान का रास्ता ज्ञान के मंदिरों से ही संभव हो सकेगा।
इस अवसर पर बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ डी ए वी स्कूल थर्मल के विद्यार्थियों/शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रहीं।

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