Friday, August 28, 2026
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जन-जन की आर्थिक ताकत बना प्रधानमंत्री जन-धन योजना : उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at August 28, 2026 Tags: , , , , ,

योजना का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति को वित्तीय व्यवस्था से जोड़ना , समावेशी सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

बैंकिंग से वंचित लोगों को मिला वित्तीय सशक्तीकरण का आधार

जन-धन योजना ने बदली रही तस्वीर

BOL PANIPAT , 28 अगस्त। प्रधानमंत्री जन-धन योजना ने वित्तीय समावेशन को नई मजबूती देते हुए समाज के उन वर्गों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया है, जो लंबे समय तक औपचारिक बैंकिंग सुविधाओं से दूर रहे।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि प्रधानमंत्री जन-धन योजना केवल बैंक खाता खोलने की पहल नहीं, बल्कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन चुकी है।
उपायुक्त डॉ हरीश ने कहा कि प्रधानमंत्री जन-धन योजना के माध्यम से आम नागरिकों के लिए बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है। इस योजना ने देश के प्रत्येक वर्ग को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विशेष रूप से गरीब परिवारों, महिलाओं, श्रमिकों और ग्रामीण आबादी को इसका व्यापक लाभ मिला है।
उपायुक्त ने कहा कि योजना की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में महिलाओं की बढ़ती वित्तीय भागीदारी भी शामिल है। जन-धन खातों के माध्यम से महिलाओं को अपनी बचत सुरक्षित रखने, सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे प्राप्त करने और आर्थिक गतिविधियों में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर मिला है। इससे महिलाओं के वित्तीय सशक्तीकरण को नई दिशा मिली है।
डॉ. वशिष्ठ ने कहा कि प्रधानमंत्री जन-धन योजना ने ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच को मजबूत किया है। बैंक खाता होने से लोगों को अपनी आर्थिक जरूरतों के लिए औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ने का अवसर मिला है। इससे बचत की आदत को बढ़ावा देने के साथ-साथ डिजिटल लेन-देन और आधुनिक बैंकिंग सेवाओं के प्रति लोगों का विश्वास भी बढ़ा है।
उपायुक्त ने कहा कि जन-धन, आधार और मोबाइल यानी जेएएम व्यवस्था ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सरकारी योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचने से पारदर्शिता बढ़ी है और बिचौलियों की भूमिका कम हुई है। इससे पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना अधिक सरल और प्रभावी हुआ है।
उपायुक्त ने कहा कि प्रधानमंत्री जन-धन योजना ने बैंकिंग को आम नागरिक के लिए सुलभ बनाकर वित्तीय समावेशन को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया है। आज बैंक खाता केवल धन जमा करने का माध्यम नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं, डिजिटल लेन-देन, बचत और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ने का महत्वपूर्ण आधार बन गया है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे बैंकिंग सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं तथा अपने खातों का सुरक्षित एवं जिम्मेदारी के साथ उपयोग करें।
उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि प्रधानमंत्री जन-धन योजना का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति को भी वित्तीय व्यवस्था से जोड़ना है और यह समावेशी, सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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