हारमोनी होम्स व रियल हाइट डेवलपर के पार्टनर के विवाद ने लिया नया मोड़।
रेरा द्वारा प्रोजेक्ट के सभी फ्लैट की रजिस्ट्री करवाने पर लगी रोक।
निवेशकों के लगभग 300 करोड़ रुपये अटके।
BOL PANIPAT : पानीपत में रियल हाइट हारमोनी होम के दो पार्टनर्स के बीच चल रहे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। हारमोनी होम्स प्रोजेक्ट के पार्टनर संजय गुप्ता व राजेश गुप्ता के साथ अतर चन्द्र मित्तल की पार्टनरशिप करार के तहत अतर चन्द्र मित्तल को पार्टनर्स ने डील के हिसाब से पेमेंट नहीं की। लेनदेन के विवाद के चलते अतर चन्द्र ने पुलिस को धोखाधड़ी की शिकायत दी। संजय गुप्ता व राजेश गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। जिसके बाद संजय गुप्ता को पुलिस ने अरेस्ट करके माननीय अदालत में पेश कर दिया था। धोखाधड़ी के आरोपी संजय गुप्ता को जेल जाने के बाद माननीय अदालत से सशर्त जमानत मिली थी जबकि उसका दूसरा भाई राजेश गुप्ता अभी तक इस मामले में फरार है। अतर चंद्र मित्तल के अनुसार उन्होंने हारमोनी होम्स व रियल हाइट डेवेपलपेर्स से 55 करोड़ रुपये लेने हैं और वह अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं।
वहीं इस मामले में रेरा को दी गई शिकायत के बाद रेरा ने रियल हाइटस में बने तमाम फ्लैटस की रजिस्ट्री पर पाबंदी लगा दी है। यानी कि जितने भी लोगों ने अब तक रियल हाइट्स में फ्लैट खरीदे हैं उन फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं हो पाएंगी। पार्टनर्स के विवाद के चलते फ्लेट खरीदने वालों की खून पसीने की कमाई का पैसा अब फंसता नजर आ रहा है। रेरा के द्वारा जारी किए गए आदेशों के अनुसार जब तक इस मामले में विवाद समाप्त नहीं होगा तब तक किसी भी व्यक्ति को कन्विंस डीड नहीं दी जाएगी। रेरा द्वारा मामले की अगली सुनवाई 19 अक्टूबर को होगी। रेरा के द्वारा अतर चंद्र मित्तल के पार्टनर राजेश गुप्ता व संजय गुप्ता को सुनवाई से 15 दिन पहले अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है।
कुल मिलाकर इस मामले में इतना कहा जा सकता है कि लेनदेन के इस विवाद में निवेशकों के लगभग 300 करोड़ रुपये फंसते नजर आ रहे हैं। विवाद कब सुलझेगा इस बारे में केवल अनुमान ही लगाए जा सकते हैं।

Comments