Tuesday, May 12, 2026
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सनातन संस्कृति हमारी पहचान, इसे बचाना हर पीढ़ी की जिम्मेदारी: हरपाल ढांडा

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at May 11, 2026 Tags: , , , , , ,

सोमनाथ मंदिर आस्था, संघर्ष और पुनर्जागरण का प्रतीक: उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में गूंजा सनातन का संदेश, श्रद्धालुओं ने लिया संकल्प

कलश यात्रा से शुरू हुआ भव्य आयोजन, मुख्यमंत्री नायब सिंह और पीएम मोदी का लाइव संबोधन सुना

BOL PANIPAT , 11 मई। स्थानीय देवी मंदिर परिसर में सोमवार को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विशाल कलश यात्रा से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर श्रद्धा और उत्साह के साथ भाग लिया। पूरे परिसर में धार्मिक वातावरण और सनातन संस्कृति की गूंज सुनाई दी। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा के भाई हरपाल ढांडा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने बुके भेंट कर उनका स्वागत किया। इस दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी सभी का मन मोह लिया।

मुख्य अतिथि हरपाल ढांडा ने अपने विस्तृत संबोधन में कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल पत्थरों से बना एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि यह भारत की आत्मा, सनातन संस्कृति की अडिग शक्ति और हिंदू समाज के स्वाभिमान का जीवंत प्रतीक है। इतिहास गवाह है कि विदेशी आक्रमणकारियों ने हमारी संस्कृति और आस्था को तोडऩे का कई बार प्रयास किया, लेकिन सनातन धर्म की जड़ें इतनी मजबूत हैं कि हर बार वह पहले से अधिक शक्ति के साथ खड़ा हुआ। सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण इस बात का प्रमाण है कि भारत की संस्कृति को कभी मिटाया नहीं जा सकता।

उन्होंने कहा कि आज जरूरत केवल धार्मिक आयोजन करने की नहीं, बल्कि अपनी युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, संस्कारों और परंपराओं से जोडऩे की है। परिवार और समाज तभी मजबूत होगा जब हम अपने धर्म और मूल्यों के प्रति जागरूक रहेंगे। सनातन धर्म हमें सेवा, सहयोग, भाईचारा और मानवता का संदेश देता है। हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम समाज में एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनेंगे और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखेंगे। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व हमें अपनी जड़ों से जुडऩे और संस्कृति पर गर्व करने की प्रेरणा देता है।

महापौर कोमल सैनी ने कहा कि सनातन धर्म केवल आस्था नहीं, बल्कि जीवन जीने की पवित्र संस्कृति है। यह हमें सत्य, सेवा और संस्कारों का मार्ग दिखाता है। सोमनाथ जैसा तीर्थ हमारे गौरवशाली इतिहास और अटूट विश्वास का प्रतीक है, जिस पर पूरे राष्ट्र को गर्व है।

भाजपा जिला अध्यक्ष दुष्यंत भट्ट ने कहा कि सोमनाथ मंदिर का इतिहास हर सनातनी के आत्मगौरव का इतिहास है। विदेशी आक्रमणों ने इसे कई बार तोडऩे का प्रयास किया, लेकिन सनातन की शक्ति को कभी झुका नहीं सके। आज आवश्यकता है कि समाज एकजुट होकर अपनी संस्कृति, राष्ट्र और मूल्यों की रक्षा के लिए आगे आए।

    उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने अपने संबोधन में कहा कि सोमनाथ मंदिर भगवान शिव की अनंत आस्था, भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत और देश की आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। यह केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि संघर्ष, पुनर्निर्माण और सांस्कृतिक आत्मविश्वास की प्रेरणादायक गाथा है। इस प्रकार के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और मूल्यों से परिचित करवाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।

    उपायुक्त ने कहा कि भारत की संस्कृति विश्व में अपनी विविधता, सहिष्णुता और आध्यात्मिक विचारधारा के लिए जानी जाती है। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व जैसे आयोजन समाज में एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का कार्य करते हैं। प्रशासन की प्राथमिकता हमेशा ऐसे आयोजनों को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न करवाने की रहती है ताकि लोगों की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक भावनाओं को सम्मान मिल सके। हमें अपनी सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित रखने और समाज में सद्भाव बनाए रखने के लिए मिलकर कार्य करना चाहिए।

स्वामी दयानंद सरस्वती ने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर अनेक बार आक्रमण हुए, उसे लूटने और मिटाने का प्रयास किया गया, लेकिन आस्था की शक्ति कभी समाप्त नहीं हुई। यह मंदिर आज भी सनातन धर्म की अमरता और भारत की आध्यात्मिक शक्ति का जीवंत प्रमाण है।

महामंडलेश्वर स्वामी अरुण दास महाराज ने कहा कि सोमनाथ केवल मंदिर नहीं, बल्कि सनातन चेतना का जागृत केंद्र है। जब-जब धर्म और संस्कृति पर संकट आया, तब-तब सनातन ने पुनर्जागरण का मार्ग दिखाया। हमें अपने धर्म, संस्कार और परंपराओं को आत्मगौरव के साथ आगे बढ़ाना चाहिए। इस दौरान उपस्थित लोगों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लाइव संबोधन भी सुना तथा तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि और प्रशासनिक अधिकारियों और समाजसेवियों को शिव पुराण और शॉल भेंट करके सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे, एसडीएम मनदीप कुमार, मार्केट कमेटी चेयरमैन अवतार शास्त्री, सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र सलूजा, वेद परासर, साहब सिंह, संदीप जिंदल, दीपक राणा, रोकी गहलोत सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

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