जैव विविधता बचाना ही हमारा धर्म -गुरमीत सिंह
BOL PANIPAT : जैव विविधता की संरक्षण और लोगों को जागरूक करने के लिए आज पानीपत जिले के मतलौडा खण्ड स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय में जागरूकता और बीएमसी ट्रेनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया…कार्यक्रम में मुख्यातिथि के तौर पर जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष साइंटिफिक ऑफिसर गुरमीत सिंह ने शिरकत की…कार्यक्रम के शुरू होने से पहले कार्यक्रम में पहुंचे सभी अधिकारियों और मुख्तिथियो ने पौधरोपण किया…
कार्यक्रम को शुरू करते हुए सैंटिफिक् ऑफिसर गुरमीत सिंह ने जैव विविधता प्रबंधन समितियों को ट्रेनिंग दी…वही हरियाणा राज्य जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष गुरमीत सिंह ने छात्रों और बी एम सी से आये लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा की पेड़ न केवल कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं बल्कि वाहनों और उद्योगों द्वारा उत्सर्जित विभिन्न हानिकारक गैसों को भी अवशोषित करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदूषण को कम करने का एक स्वाभाविक तरीका है। अधिक पेड़ लगाने का मतलब प्रदूषण को कम करना है। वायु प्रदूषण के अलावा पेड़ भी ध्वनि और जल प्रदूषण को कम करने में सहायता करते हैं।इसलिए समय-समय पर पौधे लगाने का जोर दिया जाता है। वही शिक्षा जागरूक अधिकारी श्रीमती अनुराधा ने लोगों को जागरूक करते हुए पी बी आर का महत्व बताया और पेड़ों के रोपण के विभिन्न लाभ बताते हुए यह भी बताया की वृक्ष लगाने का पहला और सबसे महत्वपूर्ण लाभ यह है कि वे कार्बन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन का आदान-प्रदान करते हैं। पर्यावरण में ऑक्सीजन की जरूरत सभी को ज्ञात है…

उन्होंने बताया कि पेड़ न केवल कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं बल्कि वातावरण से कई अन्य हानिकारक गैसों को भी अवशोषित करते हैं जिससे वातावरण को ताजगी मिलती है। उन्होंने कहा कि इन दिनों वाहनों और औद्योगिक फैक्ट्रियों से बहुत प्रदूषण निकल रहा है। जिसके लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए जिससे प्रदूषित हवा से छुटकारा पाने में मदद मिलती है…उन्होंने बताया कि पेड़ पर्यावरण को शांत रखते हैं और गर्मी के असर को कम करने में मदद करते हैं। उनसे प्राप्त ठंडक का असर ऐसा है कि यह आसपास के स्थानों में 50% तक एयर कंडीशनर की आवश्यकता को कम कर सकता है। वही वही रेंज फारेस्ट ऑफिसर जयकिशन बांगड़ ने बताया की जैव विविधता से ही सभी जीवों को आश्रय मिलता है। पेड़ मकड़ी, बंदरों, अजगर, कंगारू और जानवरों की अन्य प्रजातियों के लिए भी घर हैं। जो हमारी जैव विविधता के अभिन्न अंग है। पेड़ों पर फल लगते हैं जो पक्षियों, जानवरों और मनुष्यों के लिए भोजन हैं। गाय, बकरियां और अन्य शाकाहारी जानवर भी वृक्षों के पत्ते खाते हैं। हरियाणा राज्य जैव विविधता बोर्ड के ट्रेनिंग प्रोग्राम में कृषि विभाग, हॉर्टिकुलचेर विभाग से डॉ रोहित, मत्स्य विभाग से यशपाल सेतिया और पंचायत विभाग से कमल सिंह आदि ने अपने विचार प्रकट किये और अंत में डिस्ट्रिक्ट कॉर्डिनेटर पानीपत कुलदीप शर्मा ने प्रोग्राम में पहुँचने पर सबका आभार जताया.

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