एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में “हवन-अनुष्ठान” के साथ शैक्षणिक सत्र 2026-27 का मंगलमयी आगाज
बीएससी, बीकॉम और बीए की कक्षाए विधिवत प्रारम्भ
आत्मविश्वास एवं परिश्रम सफलता कि निश्चित सीढियाँ हैं : दिनेश गोयल, प्रधान
BOL PANIPAT , 03 अगस्त,
एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत हवन एवं अनुष्ठान की गई. एसडी पीजी कॉलेज प्रबंधकारिणी के प्रधान दिनेश गोयल, उप-प्रधान राजीव गर्ग, जनरल सेक्रेटरी महेंद्र अग्रवाल, कोषाध्यक्ष विशाल गोयल, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, समस्त टीचिंग एवं नॉन-टीचिंग स्टाफ सदस्यो तथा नए एवं पुराने विद्यार्थियों ने हवन एवं अनुष्ठान में श्रधा से भाग लेकर नए सत्र का आगाज किया. हवन की सम्पूर्ण विधि को पंडित उमा शंकर शास्त्री जी ने सम्पूर्ण किया. मंत्रौच्चारण एवं श्लोकों के पावन गायन-पाठन ने कॉलेज का माहौल अत्यंत पवित्र एवं ओजस्वी बना दिया. हवन की अग्नि में आहुतियों के माध्यम से सम्पूर्ण मानव जाति के कल्याण एवं खुशहाली की कामना की गई और माँ सरस्वती से सभी के जीवन में ज्ञान के प्रकाश भरने का आह्वान किया गया. हवन के सफल आयोजन के पश्चात कॉलेज में प्रवेश पाए नए छात्र-छात्राओं को कॉलेज की लाइब्रेरी, विस्तृत कंप्यूटर लैब्स, खेल के मैदान, ऑडिटोरियम, सेमिनार हॉल, विज्ञान की प्रयोगशालाओं, कैंटीन की सुविधा, कॉलेज प्रशासन, कॉलेज में उत्पन्न किसी भी समस्या में छात्र-छात्राएं किससे संपर्क करे आदि विषयों पर विस्तार से बताया और समझाया गया. इसी के साथ कॉलेज में विधिवत कक्षाए प्रारम्भ हो गई. हवन के पश्चात सभी को प्रसाद स्वरूप हलवा दिया गया.

एसडी कॉलेज प्रबंधकारिणी के प्रधान दिनेश गोयल ने कहा कि शिक्षा-दीक्षा से पावन कोई कार्य नहीं है. एसडी कॉलेज प्रबंधकारिणी अपने हर छात्र-छात्रा के लिए निरंतर चिंतनशील है की उन्हे हर क्षेत्र में अच्छी से अच्छी शिक्षा एवं मार्गदर्शन मिले. शुभ आगाज हमेशा हम सभी में एक नई चेतना एवं प्राण फूंकता है. एसडी कॉलेज ने सैदेव शिक्षा, खेल और सांस्कृतिक क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए है और उन्हे पूर्ण विश्वास है की यह सिलसिला यूं ही बरकरार रहेगा. उन्होनें नए सत्र के शुभारंभ पर सभी को बधाई दी और पूरे जूनून से काम करने का आह्वान किया. नए विद्यार्थियो के बारे बोलते हुए उन्होनें कहा कि हर विद्यार्थी को कॉलेज की किसी न किसी गतिविधि में भाग जरुर लेना चाहिए. कॉलेज में पढ़ने का अर्थ सिर्फ किताबों में उलझे रहना नहीं है बल्कि कॉलेज में होने वाली अन्य गतिविधियों का हिस्सेदार होना भी है. इसी से हमारा व्यक्तित्व बनता है.
महेंद्र अग्रवाल जनरल सेक्रेटरी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि एसडी कॉलेज ने सदैव शिक्षा, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में नई एवं स्वस्थ परंपराये शुरू की है. कॉलेज अपने छात्र-छात्राओ के माध्यम से समाज और राष्ट्र के कल्याण की परिकल्पना करता है.
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा की एसडी पीजी कॉलेज की हरियाणा में एक अलग पहचान है. गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक शिक्षा देना, सामाजिक समरसता का भाव हर विद्यार्थी में पैदा करना, संस्कारों को छात्रों में कूट-कूट कर भरना, व्यक्तित्व के बहुमुखी विकास को प्राप्त करना आदि कॉलेज में शिक्षा ग्रहण करने के भिन्न आयाम है. कॉलेज सिर्फ पढे-लिखे और कामयाब युवा ही समाज एवं देश को नहीं देता बल्कि सही मायनों में पूर्ण विकसित एवं संस्कारी नागरिक भी देश को प्रदान करता है. एसडी संस्था का उद्देश्य भी यही है और इसीलिए हर नए सत्र की शुरुआत हवन-यज्ञ के साथ की जाती है जो शिक्षा का ही एक अटूट हिस्सा है. मूल्य-विहीन ज्ञान एवं शिक्षा को ग्रहण करने का कोई औचित्य नहीं है इसीलिए कॉलेज नैतिक समावेश के तहत अपने विद्यार्थीयो को शिक्षा प्रदान करता है.
इस अवसर पर कॉलेज के टीचिंग एवं नॉन-टीचिंग स्टाफ सदस्य हवन के दौरान मौजूद रहे जिनमे प्रो प्रवीन आर. खेरडे, डॉ. संगीता गुप्ता, डॉ मुकेश पुनिया, प्रो मयंक अरोड़ा, डॉ. मोनिका खुराना, प्रो अन्नू आहूजा, डॉ बलजिंदर सिंह, डॉ रेखा रानी, शशि मोहन गुप्ता, दीपक मित्तल आदि शामिल रहे.

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