एसडी पीजी कॉलेज पानीपत ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी कुरुक्षेत्र वुशु (पुरुष) टूर्नामेंट में ओवर आल प्रदर्शन का कांस्य पदक
–स्वर्ण समेत कुल छः पदक जीतकर लहराया सफलता का परचम
–एक खिलाड़ी आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप के लिए चयनित
BOL PANIPAT , 09 फरवरी. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी कुरुक्षेत्र की वुशु (पुरुष) टूर्नामेंट ओवर आल तीसरा स्थान पाकर कॉलेज और जिले का नाम रोशन किया । टूर्नामेंट का आयोजन कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी कुरुक्षेत्र में हुआ । वुशु टीम में शामिल प्रशांत, ऋतेश, कृष, और मनीष ने शानदार खेल दिखाते हुए सभी विरोधी टीमों को पछाड़ दिया । इनमें से वुशू की नैनगुन और नंदुओ विधाओं में शानदार खेल दिखाकर स्वर्ण पदक जीतने वाले प्रशांत का चयन आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी के लिए भी हो गया है । टूर्नामेंट में ऋतेश ने 70 किलोग्राम भारवर्ग में रजत, कृष ने 65 किलोग्राम भारवर्ग और मनीष ने 60 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य पदक पर कब्ज़ा जमाया । सभी खिलाड़ियों के जानदार खेल के बूते पर कॉलेज की पुरुष वुशू टीम को केयूके में ओवरआल तीसरा स्थान मिला । इसी प्रकार महिला वुशू (क्वान्शु) में नेहा ने रजत और 52 किलोग्राम भारवर्ग में भारती ने कांस्य पदक हासिल किया । किरण का प्रदर्शन भी अन्यंत सराहनीय रहा । कॉलेज की पुरुष टीम का प्रत्येक मैच में पूरा दबदबा रहा और खिलाड़ियों का समन्वय और जोश देखते ही बनता था । कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ सुशीला बेनीवाल, प्रो रेखा, कोच अंकुश मलिक, ग्राउंडसमैन प्रताप और अन्य स्टाफ सदस्यों ने सभी खिलाडियों के कॉलेज प्रांगण में पहुँचने पर उन्हें बधाई दी और उनकी इस उपलब्धि को अद्भुत बताया ।
एसडी कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी कुरुक्षेत्र की वुशु (पुरुष) टूर्नामेंट में ओवर आल कांस्य पदक जीतने पर सभी खिलाड़ीयों को बधाई दी और कहा कि कॉलेज को इन खिलाडियों और इनके खेल पर गर्व है । खेल की भावना, धैर्य, सहनशीलता, टीम में कार्य करना, आपसी समन्वय जैसे कितने ही सकारात्मक गुण खेलने से पैदा होते है जो बाद के जीवन में हमारे बहुत काम आते है ।
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कॉलेज की वुशु (पुरुष) टीम के खेल और मेहनत की तारीफ़ करते हुए उन्हें कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी कुरुक्षेत्र की वुशु (पुरुष) चैंपियनशिप में ओवर आल कांस्य पदक पाने पर बधाई दी । उन्होनें कहा कि जो छात्र-छात्राएं खेलों में भाग लेते है वे जीवन में ऊँचाइयों को अवश्य छूते है । सामाजिक कौशल, आत्मविश्वास, टीम वर्क, झूझारुपन का विकास भी खेलों में भाग लेने से होता है । खेल-कूद शरीर के साथ-साथ मस्तिष्क के विकास में भी सहायक है ।
शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ सुशीला बेनीवाल ने वुशु के खेल पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वुशु एक पारंपरिक चीनी मार्शल आर्ट खेल है और इस खेल को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है- ताओलू और संसौ । ताओलू पूर्व निर्धारित एक्रोबेटिक आंदोलनों से संबंधित है जहां प्रतियोगी काल्पनिक हमलावरों के खिलाफ उनकी तकनीकों पर महारथ हासिल की जाती है । दूसरी तरफ संसौ एक पूर्ण संपर्क खेल है जिसमे प्राचीन प्रथाओं और आधुनिक खेल सिद्धांतों का संयोजन है । यह खेल कुश्ती या किक-मुक्केबाजी जैसा दिखता है ।
इस अवसर पर कॉलेज के स्टाफ सदस्य डॉ सुशीला बेनीवाल, डॉ. राकेश गर्ग, डॉ डॉ एसके वर्मा, दीपक मित्तल, चिराग सिंगला मौजूद रहे ।

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