तिरंगे लगी गाड़ी को नहीं रोक रहे यूक्रेन और रूस के सैनिक : पुनीता खरब
-यूक्रेन से सुरक्षित घर पहुंचने पर जताया सरकार का आभार
BOL PANIPAT , 01 मार्च। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व के चलते यूक्रेन में पढ़ रहे भारत के विद्यार्थी सकुशल घर लौट रहे हैं। शहर की लतीफ गार्डन कालोनी की निवासी यूक्रेन में टर्नओपिल में एमबीबीएस की छात्रा पुनीता ख़रब मंगलवार को अपने घर पहुंची। उसके घर लौटते ही परिजनों ने राहत की सांस ली है।
पुनीता ने बताया कि यूक्रेन के हालात भयावह हैं लेकिन एक बात राहत देने वाली है कि वहां भारत के तिरंगे झंडे को देखकर उन्हें न तो यूक्रेन के सैनिकों ने रोका न रूस के।
पुनीता ने घर वापसी के लिए राज्य व केन्द्र सरकारों का शुक्रिया अदा किया है । दादा रामकरण खरब, पापा यशपाल माता सुशीला देवी ,भाई नवनीत भगवान को धन्यवाद दे रहे हैं। परिवार व कालोनी के लोग उनके घर पहुंच कर पुनीता व यूक्रेन का हाल जान रहे हैं ।
पुनीता ने बताया कि यूक्रेन में बॉर्डर पर बच्चों को बहुत दिक्कत आ रहीं हैं लेकिन यूक्रेन बॉर्डर पार करने पर भारतीय समाज के लोगों व भारतीय एंबेसी द्वारा छात्रों की मदद की जा रही है। इस समस्या के बारे में भी आज एयरपोर्ट पर हम सब छात्रों ने मिलकर भारत सरकार को अवगत करवाया है।
पुनीता ने बताया कि मुझे घर पर सुरक्षित पहुंचने की खुशी जरूर है लेकिन उस से ज्यादा दुःखी मैं उन बच्चों को लेकर हुं जो अभी भी यूक्रेन या बॉर्डर पर फंसे हुए हैं। पुनीता ने बताया कि आज भारत सरकार के प्रयासों से एयर इंडिया की फ्लाइट में वह 150 छात्रों के साथ दिल्ली पहुंची। पुनीता पिछले पाँच दिनों से दिन रात सो भी नहीं सकीं वही दिन रात युद्ध की ख़बरों पर नजरे गड़ाए रहती थी।
बदतर है यूक्रेन के हालात
पुनीता खरब ने बताया कि यूक्रेन के हालात बद से बदतर है । पूरे देश में दहशत व खौफ का मंजर है । लोग जान बचाने के लिए बंकरों में रह रहे हैं । सरकार ने आम नागरिकों को भी हथियार सौंप दिए हैं और रिहाईशी इलाकों में बमबारी हो रही है। भारत समेत कई देशों के हजारों नागरिक बंकरों में फंसे हैं।
डीसी सुशील सारवान ने भी पुनिता खरब को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए उनके सकुशल वापसी पर उनके परिजनों को बधाई दी है और कहा है कि हम दिन रात प्रधानमंत्री कार्यालय के सम्पर्क में हैं। सभी छात्रों की सकुशल वापसी के लिए हर सम्भव प्रयास किए जा रहे हैं।

Comments