Thursday, September 10, 2026
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एनआईटी कुरुक्षेत्र में ANRF भारत सरकार द्वारा प्रायोजित अनुसंधान परियोजना की सफल पूर्णता

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at July 28, 2025 Tags: , , ,

BOL PANIPAT : राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), कुरुक्षेत्र के यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग को यह घोषणा करते हुए अत्यंत गर्व हो रहा है कि विज्ञान एवं अभियांत्रिकी अनुसंधान बोर्ड (SERB), जिसे अब अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF), भारत सरकार के रूप में जाना जाता है, द्वारा प्रायोजित एक गौरवपूर्ण अनुसंधान परियोजना का सफलतापूर्वक समापन हो चुका है।

इस परियोजना का शीर्षक “हाइब्रिड एब्रेसिव असिस्टेड माइक्रो इलेक्ट्रोकेमिकल मशीनिंग (HAAMECM) प्रक्रिया का डिज़ाइन, विकास और प्रदर्शन विश्लेषण” है, और इसे डॉ. रवि प्रताप सिंह, सहायक प्राध्यापक (ग्रेड-I), द्वारा प्रधान अन्वेषक के रूप में संचालित किया गया।

इस परियोजना ने माइक्रोमशीनिंग के क्षेत्र में कई नवोन्मेषी उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं, विशेषकर एक इन-हाउस विकसित HAAMECM सेटअप के निर्माण में, जो MEMES, जैव-चिकित्सा और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्माण जैसे उच्च-सटीकता वाले अनुप्रयोगों के लिए लक्षित है। इस कार्य ने हाइब्रिड माइक्रो-फैब्रिकेशन प्रक्रियाओं की समझ को गहरा किया है और जटिल ज्यामितीय व कठिन-संसाधित सामग्रियों के माइक्रो-स्तरीय निष्कर्षण से जुड़ी चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत किया है।

परियोजना की प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं, विशेष रूप से विकसित HAAMECM माइक्रोमशीनिंग प्रणाली का सफल निर्माण, 20 से अधिक शोध प्रकाशन प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स, पुस्तक अध्यायों और सम्मेलनों में प्रकाशित, एक शोधार्थी ने इस परियोजना के तहत अपना पीएचडी. कार्य पूर्ण किया है, जबकि दो अन्य शोधार्थी इस विकसित सेटअप पर अनुसंधान कार्य कर रहे हैं, एक तकनीकी कर्मी का कौशल विकास एवं मार्गदर्शन, विज्ञान सामाजिक उत्तरदायित्व (SSR) गतिविधियों के अंतर्गत परियोजना से संबंधित अनेक तकनीकी वार्ताएँ एवं आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए गए।

परियोजना प्रमुख डॉ. रवि प्रताप सिंह ने SERB–भारत सरकार को उनकी उदार वित्तीय सहायता के लिए हार्दिक धन्यवाद प्रकट किया, जिसके बिना यह परियोजना संभव नहीं हो पाती। उन्होंने एनआईटी कुरुक्षेत्र के प्रशासन और एनआईटी जालंधर, जो इस परियोजना के सह-कार्यान्वयन संस्थान रहे हैं, का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने परियोजना के आरंभ से लेकर सफल समापन तक हर संभव सहयोग प्रदान किया।

यह सफलता एनआईटी कुरुक्षेत्र में प्रोत्साहित की जा रही अनुसंधान उत्कृष्टता और भारत की वैज्ञानिक एवं तकनीकी प्रगति में संस्थान की निरंतर प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

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