सामूहिक गान प्रतियोगिता में टैगोर सदन प्रथम स्थान पर रहा.
BOL PANIPAT : स्थानीय आई.बी.एल. पब्लिक स्कूल के प्रांगण में सामूहिक गान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। मंच संचालन दसवीं कक्षा की प्रीत व यशवी ने किया। मुख्य अतिथि की भूमिका आरती दुर्गा ने निभाई। निर्णायक मंडल की भूमिका सरिता नारंग एवं प्रिया ने निभाई। कार्यक्रम में चारों सदनों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। कहा जाता है कि सात सुरों के संगम से बन जाता है- गीत।
गांधी सदन ने पंजाब की छवि दिखाते हुए अपना गीत प्रस्तुत किया- “सूहे वे चीरे वालेया मैं कहनी आं, कर छतरी दी छां मैं छावे बैनी हॉं”।
नेहरू सदन ने भक्ति भरा गीत प्रस्तुत किया- “सुबह शाम, आठों याम बस यही नाम लिए जा। खुश होंगे हनुमान, बस राम नाम लिए जा”.
सुभाष सदन ने देश भक्ति का गीत – तेरे चरणों में , तेरे चरणों में झुका माथा है तेरे चरणों में।
टैगोर सदन ने कृष्ण के प्रति भावों की प्रस्तुति दी- श्यामा आन बसो वृंदावन में मेरी उमर बीत गई गोकुल में। पुराने और भक्ति गीत हों मन थिरकने को न करे हो ही नहीं सकता। सभी गानों पर बैठे हुए दर्शक भी झूमने लगे। तालियों की गड़गड़ाहट से पता चलता था कि कितने उत्साह से कार्यक्रम को देखकर प्रसन्न दिख रहे थे।
प्रतियोगिता का परिणाम इस प्रकार रहा-
प्रथम स्थान पर टैगोर सदन तथा द्वितीय स्थान पर गांधी और नेहरू सदन रहा।अंत में प्रधानाचार्या जय श्री गर्ग ने कहा कि हमें जो अपनी संस्कृति विरासत में मिली है उसे अगली पीढ़ी तक पहुँचाने का यही माध्यम है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान से किया गया।

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