हर घर तिरंगा प्रदर्शनी ने जगाई राष्ट्रभक्ति की अलख, 1500 लोगों ने उत्साह से किया अवलोकन: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
प्रदर्शनी में भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के गौरवशाली इतिहास, तिरंगे से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों, स्वतंत्रता आंदोलन में इसके योगदान और राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से संबंधित नियमों को आकर्षक ढंग से किया गया प्रदर्शित
तिरंगे के गौरवशाली इतिहास और महत्व से रूबरू हुए अधिकारी, कर्मचारी
आमजन ने सेल्फी स्टैंड पर तस्वीर लेकर यादगार बनाए पल
मल्टी प्लैक्स और लोक निर्माण विश्राम गृह में लगाई गई प्रदर्शनी का भी नागरिकों ने किया अवलोकन
BOL PANIPAT : 18 अगस्त। हर घर तिरंगा’ एवं ‘अपने तिरंगे को जानें को लेकर जिला सचिवालय के ग्राउंड फ्लोर पर लगाई गई प्रदर्शनी ने अधिकारियों, कर्मचारियों और जिला सचिवालय में आने वाले आम नागरिकों के बीच राष्ट्रभक्ति की भावना को नई ऊर्जा दी। प्रदर्शनी में भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के गौरवशाली इतिहास, तिरंगे से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों, स्वतंत्रता आंदोलन में इसके योगदान और राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से संबंधित नियमों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया। करीब 1500 दर्शकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की और इसकी सराहना की। प्रदर्शनी में बताया गया कि राष्ट्रीय ध्वज का मूल डिजाइन श्री पिंगली वेंकैया द्वारा तैयार किया गया था। राष्ट्रीय ध्वज के मध्य स्थित अशोक चक्र में 24 तीलियां होती हैं। वर्ष 1947 में राष्ट्रीय ध्वज में चरखे के स्थान पर अशोक चक्र को अपनाया गया। प्रदर्शनी में तिरंगे के विकास से जुड़े विभिन्न ऐतिहासिक प्रसंगों के साथ स्वतंत्रता आंदोलन में तिरंगे की भूमिका को भी दर्शाया गया। प्रदर्शनी में तिरंगे से जुड़े रोचक तथ्यों के माध्यम से लोगों को यह भी बताया गया कि राष्ट्रीय ध्वज के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। फ्लैग कोड ऑफ इंडिया-2002 के तहत राष्ट्रीय ध्वज से संबंधित नियमों और प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। तिरंगे को सही तरीके से मोडऩे तथा उसके सम्मान को बनाए रखने की जानकारी भी प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण रही।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि तिरंगा केवल तीन रंगों से बना ध्वज नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता, एकता, अखंडता, त्याग और गौरव का प्रतीक है। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को राष्ट्रध्वज के साथ भावनात्मक रूप से जोडऩा और उसके सम्मान के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनियां नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास से जोडऩे के साथ-साथ उनमें राष्ट्रप्रेम और जिम्मेदारी की भावना मजबूत करती हैं। उन्होंने कहा कि हर घर पर तिरंगा केवल एक अभियान नहीं, बल्कि देश के प्रति सम्मान और राष्ट्र के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी की अभिव्यक्ति है। उन्होंने बताया कि वे 9 से 17 अगस्त तक चलाए गए ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लेकर तिरंगे के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को नागरिकों ने मजबूत किया व प्रदर्शनी की सराहना की।
जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. सुनील बसताडा ने कहा कि प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को तिरंगे के गौरवशाली सफर, उसके ऐतिहासिक महत्व और उससे जुड़े अनेक ऐसे तथ्यों की जानकारी मिली, जिनसे आम नागरिक सामान्यत: अनजान रहते हैं। उन्होंने कहा कि तिरंगा हर भारतीय के गौरव, स्वाभिमान और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। इस प्रकार की प्रदर्शनियां लोगों, विशेषकर युवाओं में देशभक्ति की भावना को और प्रबल करती हैं तथा उन्हें राष्ट्रध्वज के सम्मान के प्रति जागरूक बनाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों को तिरंगे से भावनात्मक रूप से जोडऩा भी है। प्रदर्शनी में ऐतिहासिक चित्रों और संदेशों के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया गया कि देश के वीरों और स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष में तिरंगा किस तरह राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक बना।
सामाजिक कार्यकर्ता कुमारी रंजीता कौशिक के अलावा दर्जनों महिलाओं ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कुमारी रंजीता कौशिक ने कहा कि इस तरह की प्रदर्शनियां लोगों को तिरंगे के इतिहास और महत्व से जोडऩे के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में दी गई जानकारी विशेष रूप से युवाओं और बच्चों के लिए प्रेरणादायक है। तिरंगे को देखकर मन में स्वत: ही देश के वीर जवानों, स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्र के लिए किए गए बलिदानों की स्मृति जागृत होती है।
सहायक सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी दीपक पारासर ने बताया कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत यह प्रदर्शनी मल्टीप्लेक्स मॉल और लोक निर्माण विश्राम गृह में भी लगाई गई, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने इसका अवलोकन किया और तिरंगे से संबंधित विशेष जानकारी हासिल की। उन्होंने बताया कि जिला सचिवालय में लगाई गई प्रदर्शनी में अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ विभिन्न कार्यों से सचिवालय पहुंचे नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी के साथ लगाए गए विशेष सेल्फी स्टैंड पर अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों ने तिरंगे के साथ सेल्फी लेकर इन यादगार पलों को कैमरे में कैद किया। लोगों में तिरंगे के साथ तस्वीर लेने को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। सेल्फी स्टैंड ने प्रदर्शनी को एक संवादात्मक और आकर्षक स्वरूप प्रदान किया तथा लोगों ने इन पलों को स्मरणीय बनाया। जिला सचिवालय के ग्राउंड फ्लोर पर लगी यह प्रदर्शनी आम व्यक्ति के लिए प्रेरणा का केंद्र साबित हुई।
समाजसेवी और राहगिरी के संयोजक रहे संदीप जिंदल ने बताया कि प्रदर्शनी में तिरंगे की ऐतिहासिक यात्रा से लेकर उसके सम्मान से जुड़े नियमों तक की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध करवाई गई। प्रदर्शनी ने लोगों को यह संदेश दिया कि तिरंगा केवल घर की छत पर लहराने वाला ध्वज नहीं, बल्कि देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान, देश के प्रति सम्मान है—और यही भावना ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आई।

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