पात्र महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
फैमिली आईडी अपडेट होते ही विधवा महिलाओं को मिलेगी 3,200 रुपए मासिक पेंशन
निराश्रित महिलाओं को सरल पोर्टल से करना होगा आवेदन, पानीपत में 43,989 महिलाएं योजना की लाभार्थी
महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा के लिए सरकार का बड़ा कदम, डीबीटी से सीधे खाते में पहुंच रही पेंशन
BOL PANIPAT , 18 अगस्त। हरियाणा सरकार ने विधवा एवं निराश्रित महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित विधवा एवं निराश्रित महिला पेंशन योजना को अधिक सरल और डिजिटल बनाया है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को अब 3,200 रुपए प्रतिमाह की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से दी जाती है। उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि जिले में 43,989 महिलाएं विधवा एवं निराश्रित महिला पेंशन योजना की लाभार्थी हैं। प्रशासन का प्रयास है कि योजना से वंचित कोई भी पात्र महिला न रहे और सरकार की आर्थिक सहायता पारदर्शी एवं सरल प्रक्रिया के माध्यम से सीधे लाभार्थी तक पहुंचे। प्रशासन ने पात्र महिलाओं से योजना का लाभ उठाने के लिए अपनी जानकारी अपडेट रखने की अपील की है।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि हरियाणा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य पात्र व्यक्ति तक बिना किसी परेशानी के सरकारी सहायता पहुंचाना है। विधवा एवं निराश्रित महिला पेंशन योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। योजना की प्रक्रिया को डिजिटल और सरल बनाने से पात्र महिलाओं को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हुई है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पात्र महिलाओं तक योजना की जानकारी पहुंचाई जाए और आवेदन एवं सत्यापन प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो।
उपायुक्त ने बताया कि विधवा पेंशन के लिए अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। प्रोएक्टिव सर्विस के तहत जैसे ही महिला के पति की मृत्यु का पंजीकरण होता है और उसकी जानकारी परिवार पहचान पत्र में अपडेट की जाती है, परिवार पहचान पत्र में महिला की वैवाहिक स्थिति स्वत: अपडेट हो जाती है। यदि परिवार पहचान पत्र में वार्षिक आय 3 लाख रुपए से कम है तथा महिला का बैंक खाता और आयु सत्यापित है, तो सिस्टम के माध्यम से पात्र महिला का नाम पेंशन के लिए स्वत: सामने आ जाता है। इसके बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय के कर्मचारी लाभार्थी से संपर्क कर उनकी सहमति लेते हैं और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने पर पेंशन शुरू की जाती है। उपायुक्त ने बताया कि निराश्रित, परित्यक्त अथवा ऐसे मामलों में जहां पति शारीरिक या मानसिक रूप से अक्षम है, संबंधित महिला को योजना का लाभ लेने के लिए स्वयं आवेदन करना होगा।
जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्यवान ने बताया कि पात्र महिला नजदीकी अटल सेवा केंद्र (सीएससी) के माध्यम से अथवा स्वयं सरल हरियाणा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती है। आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज तथा मामले के अनुसार कानूनी या चिकित्सीय प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। योजना के तहत 18 वर्ष या इससे अधिक आयु की पात्र महिला को 3,200 रुपए प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी। पात्रता के लिए परिवार पहचान पत्र में वार्षिक आय 3 लाख रुपए से कम होना आवश्यक है। पेंशन की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।
उपायुक्त डॉ. वशिष्ठ ने बताया कि पात्र महिलाओं को किसी बिचौलिए के झांसे में आने की जरूरत नहीं है। उन्होंने अपील की कि निराश्रित एवं परित्यक्त महिलाएं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपना आवेदन करवाएं तथा विधवा महिलाएं अपनी फैमिली आईडी में पति की मृत्यु से संबंधित जानकारी और अन्य आवश्यक विवरण समय पर अपडेट करवाएं, ताकि उन्हें योजना का लाभ स्वत: मिल सके।

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