Thursday, August 6, 2026
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वाराणसी से पहुंची पावन कलश वंदन यात्रा का इसराना विधानसभा में ऐतिहासिक एवं भव्य स्वागत

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at August 6, 2026 Tags: , , , , ,

शौदापुर, उन्टला, थर्मल, मतलौडा, भालसी, आदीयाना और अटावला सहित अनेक गांवों में पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं ने किया अभिनंदन

संत रविदास जी का संदेश विकसित, समरस और आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला: कृष्ण लाल पंवार

BOL PANIPAT , 6 अगस्त। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के पावन अवसर पर वाराणसी से निकली कलश वंदन यात्रा का वीरवार को इसराना विधानसभा क्षेत्र में अभूतपूर्व उत्साह, श्रद्धा और जनसैलाब के बीच भव्य स्वागत किया गया। शौदापुर, उन्टला, थर्मल, मतलौडा, भालसी, आदीयाना और अटावला सहित विभिन्न गांवों में हजारों श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा, माल्यार्पण और जयघोष के साथ यात्रा का अभिनंदन किया। पूरा क्षेत्र जय गुरु रविदास के उद्घोष से गूंज उठा।

हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने मतलौडा स्थित रविदास मंदिर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी केवल एक महान संत ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, समानता, न्याय और मानवता के अमर प्रतीक थे। उन्होंने समाज को जाति, ऊंच-नीच और भेदभाव से ऊपर उठकर मानव कल्याण का मार्ग दिखाया। उनका जीवन और उनके विचार आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

श्री पंवार ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश संतों, महापुरुषों और राष्ट्रनिर्माताओं की विरासत को सम्मान देने का कार्य कर रहा है। संत रविदास जी के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने तथा सामाजिक समरसता को मजबूत करने के लिए अनेक ऐतिहासिक पहल की गई हैं। यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को एकता, सद्भाव और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करने वाला जनआंदोलन है।

उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने अपने जीवन से सिद्ध किया कि व्यक्ति की पहचान उसके जन्म से नहीं, बल्कि उसके कर्म, चरित्र और विचारों से होती है। उनके संदेश आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, विशेषकर ऐसे समय में जब समाज को सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में समाज के प्रत्येक वर्ग के सम्मान, उत्थान और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार संतों और महापुरुषों की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने तथा सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है।

उन्होंने श्रद्धालुओं का आह्वान किया कि वे संत रविदास जी के बताए सत्य, सेवा, समरसता और मानवता के मार्ग को अपने जीवन में अपनाएं तथा एक ऐसे समाज के निर्माण में योगदान दें, जहां भेदभाव के लिए कोई स्थान न हो और प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिले।

इस अवसर पर यात्रा का जगह-जगह पारंपरिक ढंग से स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर संत रविदास जी के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक तथा हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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