Tuesday, June 2, 2026
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झूठी निकली 3.80 लाख रूपये लूट की वारदात. शिकायतकर्ता ही निकला मुख्य साजिशकर्ता. कर्ज के बोझ के चलते झूठी मनगढ़त कहानी बनाकर करवाया था लूट का अभियोग दर्ज.

By LALIT SHARMA , in Crime in Panipat , at January 11, 2024 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT 11 जनवरी 2024, पुलिस अधीक्षक  अजीत सिंह शेखावत के मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए सीआईए वन पुलिस टीम बुधवार को दिल्ली पैरलल नहर पटरी पर हुई लूट की वारदात का महज 24 घंटे के दौरान की पर्दाफ़ाश कर दिया। उक्त वारदात झूठी निकली। शिकायतकर्ता विवेक ही मुख्य साजिशकर्ता निकला। उसने कर्ज के बोझ के चलते दोस्त के साथ मिलकर लूट की मनगढ़त झूठी कहानी बनाकर थाना पुराना औद्योगिक में शिकायत देकर अभियोग दर्ज करवाया था।

सीआईए वन प्रभारी इंस्पेक्टर दीपक ने बताया कि थाना पुराना औद्योगिक में बुधवार 10 जनवरी को असंध रोड कच्चा कैंप निवासी विवेक पुत्र गगन प्रसाद ने सूचना देकर बताया था कि उसकी जाटल रोड पर एकता कॉलोनी में लोअर टी-शर्ट बनाने की फैक्टरी है। बुधवार सुबह करीब 11 बजे वह बैंक से पैसे निकलवाकर अपने दोस्त शुभम के साथ स्कूटी पर सवार होकर फैक्टरी जा रहा था। जब वह दिल्ली पैरलल नहर पटरी पर पहुंचे तो पीछे से एक प्लसर बाइक पर दो युवक आए और आवाज लगाकर उनकों रूकवाया। दोनों युवक चाकू के बल पर उससे 2.80 लाख रूपये व शुभम से 1 लाख रूपये लूट कर ले गए। आरोपी उनकी स्कूटी की चाबी भी निकालकर ले गए। थाना पुराना औद्योगिक पुलिस ने इस पर लूट की धारा के तहत अभियोग दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी।

इंस्पेक्टर दीपक ने बताया कि पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत के निर्देशानुसार लूट की वारदात बारे सूचना मिलते ही जिला की तीनों सीआईए व थाना पुराना औद्योगिक पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस टीमों ने आस पास के सीसीटीवी कैमरें खंगाले जिसमें फरियादी के आगे पीछे कोई संदिग्ध बाइक नजर नही आई।

              पुलिस का इसके बाद शिकायतकर्ता विवेक व उसके दोस्त शुभम पर शक गहराया। सीआईए वन पुलिस ने दोनों से पूछताछ की तो विवेक ने उसके उपर चढ़े कर्ज के बोझ के चलते दोस्त शुभम के साथ मिलकर लूट की झूठी कहानी बनाने बारे स्वीकारा।

     पूछताछ में विवेक ने पुलिस को बताया कि उसने क्रेडिट कार्ड का बिल भरने के लिए 3.80 लाख रूपये ब्याज पर लिए थे। इन पैसे को वह लौटा नही पा रहा था। यह राशि धीरे धीरे बढ़कर अब 6 लाख रूपये के करीब हो गई थी। जिससे पैसे लिए थे वह बार बार फोन कर अपने पैसे मांग रहे थे। कर्ज के चलते उसने अपने दोस्त शुभम के साथ मिलकर लूट की मनगढत झूठी कहानी बनाई और 10 जनवरी को बैंक से एक लाख रूपये निकलवाकर उन पैसों को घर पर रखकर दोनों एक्टिवा से दिल्ली पैरलल नहर पर पहुंच गए। वहा पर अपने साथ लूट होने की थाना पुराना औद्योगिक में झूठी शिकायत देकर अभियोग दर्ज करवा दिया। ताकि जिनसे कर्ज लिया है वह पैसे देने का उस पर दबाव ना बना सके।

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