Saturday, May 2, 2026
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यदि सरकार द्वारा चारे की व्यवस्था नहीं की गई तुरंत पैसा रिलीज नहीं किया गया तो गौशालाओं में गोवंश को भूखा मारने की बजाय गौशालाओं के गेट खोल दिए जाएंगे : जगदीश मलिक

By LALIT SHARMA , in SOCIAL , at April 20, 2022 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT : गोवंश गौशाला सेवा संघ रोहतक के तत्वाधान में आज पानीपत गौशाला मंदिर में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता में जगदीश मलिक प्रदेश अध्यक्ष गोवंश गौशाला सेवा संघ हरियाणा, संरक्षक हरिओम तायल, रामनिवास गुप्ता, कुलबीर खर्ब, महासचिव रविंदर सिंह ओपी रेनोलिया, राकेश गुप्ता प्रधान सनौली गौशाला, वीरेंद्र यादव बिंझौल गौशाला व डॉक्टर वाइ ङी त्यागी ने अपने विचार व्यक्त किए।

संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में कुल क्षेत्र 50 गौशाला हैं जिसमें से 595 गौशाला में रजिस्टर्ड है और लगभग साढ़े चार लाख से 5 लाख गोवंश इन गौशालाओं में है। सरकार द्वारा प्रति वर्ष ₹600 प्रति गोवंश(1.64रुपये प्रति गोवंश प्रतिदिन) दिया गया है जबकि प्रत्येक गौशाला प्रति गोवंश 100 से ₹110 का खर्च वहन कर रही थी। महंगाई के कारण जो तारा पहले 200 से ₹250 में मिलता था अब 850 से ₹900 में भी नहीं मिल रहा अनुमान है कि अब प्रतिदिन ₹200 प्रति गोवंश का खर्च होगा।
प्रदेश में गोचरान भूमि का रकबा 71140 एकड़ है जिसे सरकार पट्टे पर देकर 230 करोड़ रुपए सालाना रिवेन्यू प्राप्त कर रही है।

संघ ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि आर्थिक तौर पर सभी गौशालाओं में चारे की व्यवस्था कराई जाए. पशुओं के चारे को आवश्यक वस्तु अधिनियम में रखा जाए इसके साथ-साथ चारे की फैक्ट्रियों में जलाने के लिए यह गत्ता बनाने के लिए चारा जाने से रोका जाए।

सभी गौशालाओं को गौ चरण की भूमि गोवंश की संख्या के आधार पर आवंटित की जाए और गोवंश के लिए इसे आरक्षित किया जाए।

संघ ने सरकार से मांग की है कि इस वर्ष की आर्थिक सहायता तुरंत प्रदान की जाए ताकि गौशालाएं चारा खरीद सकें।

उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि सरकार द्वारा चारे की व्यवस्था नहीं की गई तुरंत पैसा रिलीज नहीं किया गया तो गौशालाओं में गोवंश को भूखा मारने की बजाय गौशालाओं की गेट खोल दिए जाएंगे और इसके लिए गौशाला प्रबंधन समितियां जिम्मेदार नहीं होंगी।

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