संवत 2081 का नाम कालयुक्त है। राजा का नाम मंगल और मंत्री शनि है : स्वामी दयानन्द सरस्वती
BOL PANIPAT : श्री संत द्वारा हरि मन्दिर, निकट सेठी चौक, पानीपत के प्रांगण में नव विक्रमी सम्वत 2081 के उपलक्ष्य के अवसर पर परम पूज्य 1008 स्वामी दयानन्द सरस्वती जी महाराज (मुरथल वाले) की अध्यक्षता में सप्ताह भर चलने वाले संत समागम कार्यक्रम के समापन दिवस पर महाराज श्री ने नव संम्वत के बारे में बताते हुए कहा कि। संवत 2081 का नाम कालयुक्त है। राजा का नाम मंगल और मंत्री शनि है। संवत का वास धोबी के घर पर है। उन्होंने कहा कि नव संवत के अवसर पर सृष्टि परिवर्तन होता है। पेड़ों पर फिर से नए पत्ते आने लगते हैं। सब और नया उत्साह होता है। इससे सबके जीवन में उमंग का नया संचार होता है तथा इस समय पर व्यक्ति यदि जीवन को सार्थक बनाने का प्रण करे तो वह निस्संदेह जीवन को महान बना सकता है। इस अवसर पर गुरविन्द्र सिंह शाह साहिब जी ने शब्द कीर्तन के माध्यम से आई हुई संगतों को निहाल किया उन्होंने भी सबको नव संवत की बधाई दी और संगतों की सुखमय भविष्य की कामना करते हैं । इससे पूर्व मुख्य अतिथि बुल्लेशाह, संजय जुनेजा, सुरेन्द्र रेवड़ी, जिन्नी चानना, रमेश माटा को मंदिर समिति द्वारा फूल मालाओं से सम्मानित किया गया। कथा के विश्राम दिवस पर आज लंगर का आयोजन किया गया। प्रसिद्ध भजन गायक वेद कमल ने ‘‘तेरी रहमत अगर नहीं होती तो तेरे दर पर खुशी नहीं मिलती’’ गाकर वातावरण को भक्तिमय कर दिया। इस अवसर पर रमेश चुघ प्रधान, हरनाम चुघ, उत्तम आहूजा, किशोर रामदेव, दर्शन रामदेव, कर्म सिंह रामदेव, अमरजीत सपड़ा, महेन्द्र चुघ, ओमी चुघ, अमन रामदेव, श्याम लाल सपड़ा, सोनू खुराना, गोपी मेंहदीरत्ता, जगदीश जुनेजा, राघव चुघ सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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