परिवार पहचान पत्र में आय के ब्यौरे को दुरुस्त करने का विकल्प हुआ आरम्भ : डी.सी.
BOL PANIPAT , 12 फरवरी : प्रदेश सरकार की ओर से परिवार पहचान पत्र में दर्ज आय के ब्यौरे को दुरुस्त करने का विकल्प लोगों के लिए आरम्भ कर दिया गया है । पहले किसी कारण से परिवार पहचान पत्र में गलत दर्ज हुए आय के ब्यौरे को अब कोई भी व्यक्ति अपने स्तर पर ही ब्यौरे को ठीक करने के लिए आवेदन कर सकता है । इस बारे में जानकारी देते हुए डी.सी. सुशील सारवान ने बताया कि सरकार द्वारा जारी निर्देशों अनुसार कुछ समय पहले परिवार पहचान पत्र में संबंधित परिवार की आय का ब्यौरा डाला गया था । इसको लेकर लोगों सुझाव मिले थे कि आय का ब्यौरा किसी कारण से गलत हो गया है इसलिए आय के ब्यौरे में दुरुस्ती के लिए विकल्प दिया जाए । से इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने परिवार पहचान पत्र में दर्ज आय के ब्यौरे को ठीक करने का विकल्प चालु कर दिया है । इस विकल्प के चालु होने के बाद अब कोई भी व्यक्ति परिवार पहचान पत्र में दर्ज अपनी आय के ब्यौरे को ठीक करने के लिए आवेदन कर सकता है । इसके लिए परिवार पहचान पत्र की वेबसाइट https : // meraparivar haryana.gaaev.in/ पर जाकर रिपोर्ट ग्रीवैंस पर क्लिक करने के बाद जरूरी दिशानिर्देशों का पालन करते हुए अपनी इनकम का विवरण देना होगा । उन्होंने बताया कि आय के ब्यौरे को ठीक करने के अपने दावे से संबंधित डॉक्यूमेंट्स भी साथ अपलोड किए जा सकते हैं । प्राप्त सभी आवेदनों को विभाग की ओर से सत्यापित करवाया जाएगा । अगर नागरिक द्वारा दी गई जानकारी सही पाई जाती है तो आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी । नागरिक केवल सत्यापित जानकारी ही पीपीपी पोर्टल पर अपलोड करें । उन्होंने बताया कि पारिवारिक आय की जानकारी में सुधार ना होने के कारण कई नागरिक सरकार की तरफ से मिलने वाली सुविधाओं से वंचित हो जाते हैं । जिसके चलते सरकार ने ये फैसला लिया है । पी . पी . पी . हरियाणा में प्रत्येक परिवार की पहचान करता है और परिवार के बुनियादी डेटा को डिजिटल प्रारूप में परिवार की सहमति से प्रदान करता है । प्रत्येक परिवार को आठ अंकों का परिवार आई.डी. प्रदान किया जाता है । डी.सी. ने कहा कि फैमिली डेटा के ऑटोमैटिक अपडेशन को सुनिश्चित करने के लिए फैमिली आई.डी. को बर्थ डेथ और मैरिज रिकॉर्ड से जोड़ा गया है । सरकार फैमिली आई . डी . से छात्रवृत्ति , सबसिडी और पँशन जैसी योजनाओं को जोड़ रही है , ताकि पारदर्शिता , स्थिरता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके और साथ ही विभिन्न योजनाओं , सबसिडी और पैंशन के लाभार्थियों के स्वतः चयन को सक्षम किया जा सके और असली हकदारों को इनका लाभ बिना देरी के सुनिश्चित किया जा सके । उन्होंने कहा कि परिवार आईडी डेटाबेस में उपलब्ध डेटा पात्रता निर्धारित करने के लिए उपयोग किया जाता है जिसके माध्यम से लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों का स्वचालित स्व चयन किया जाता है । इसलिए एक बार परिवारों का डेटाबेस बनने के बाद प्रत्येक व्यक्तिगत योजनाओं के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है ।

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