संस्कृत प्रचार-प्रसार में सर्वजन भागीदारी के आह्वान के साथ प्रांत सम्मेलन का समापन.
-पट्टी कल्याणा के सेवा साधना ग्राम विकास केंद्र में संस्कृत भारती के दो दिवसीय प्रांत सम्मेलन के दूसरे दिन यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास अरोड़ा का किया गया सम्मान
BOL PANIPAT ,6 जनवरी, प्रदेश के प्रत्येक घर-घर में संस्कृत की पहुंच हो। इसके लिए प्रत्येक कार्यकर्ता पूर्ण निष्ठा और लग्न के साथ कार्य करेंगे। इसी उद्घोष के साथ सोमवार को पट्टी कल्याणा के सेवा साधना ग्राम विकास केंद्र में संस्कृत भारती के दो दिवसीय प्रांत सम्मेलन का समापन हो गया। सम्मेलन में विभिन्न दायित्वों की भी घोषणा की गई। समापन सत्र में विधानसभा में संस्कृत में शपथ लेने वाले यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास अरोड़ा का भी सम्मान किया गया।
सोमवार को पट्टी कल्याणा के सेवा साधना आश्रम में संस्कृत भारती द्वारा आयोजित दो दिवसीय प्रांत सम्मेलन के समापन सत्र में बतौर मुख्य वक्ता संस्कृत भारती के उत्तर क्षेत्र के संगठन मंत्री नरेंद्र कुमार रहे। अध्यक्षता प्रांत अध्यक्ष डॉ.सोमेश्वर दत्त ने की।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए उत्तर क्षेत्र के संगठन मंत्री नरेंद्र कुमार ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि संस्कृत को गांव- गांव, घर-घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी प्रत्येक कार्यकर्ता की है। हम क्या अच्छा कर सकते हैं। इस बारे में व्यापक चिंतन जरूरी है। सोचेंगे तो अवश्य ही नया कुछ रचित होगा। कार्यकर्ता को किसी नेतृत्व की आवश्यकता नहीं होती है। कार्यकर्ता के कार्य से नेतृत्व मजबूत बनता है।
सम्मेलन के चर्चा सत्र में यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने संस्कृत भारती की सराहना करते हुए कहा कि संस्कृत भारती संस्कृत को जनभाषा बनाने में प्रयासरत है। संस्कृत देव भाषा है। कार्यकर्ता इसे घर- घर तक पहुंचने का कार्य करें। संस्कृत के प्रति उनका समर्पण भी सदैव बना रहेगा।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर संस्कृत भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री जयप्रकाश, अखिल भारतीय सह संपर्क प्रमुख हुल्लास चंद ,उत्तर क्षेत्र संपर्क प्रमुख डॉ.जोगेंद्र, प्रांत मंत्री प्रमोद शास्त्री, प्रांत सह मंत्री भूपेंद्र, ईशम सिंह, न्यास अध्यक्ष डॉ.रामनिवास, प्रचार प्रमुख सतेंद्र कुमार, कोष प्रमुख डॉ. सुरेश कुमार, पुष्पेंद्र, डॉ. नवीन शर्मा, सुशील शास्त्री हिसार,प्रवेश कौशिक, डॉ.शैलेंद्र, डॉ. राजबीर, अशोक बुचौली, जयपाल शास्त्री, रामदेव सिरसा, विनय गोपाल त्रिपाठी, गिरीश चंद्र, बलजिंद्र,डॉ.सुनील, कपीश,डॉ.संजीव,नीरज,राजकुमार,जयभगवान कैथल आदि भी उपस्थित रहे।
इन्हें दिया गया दायित्व
समापन सत्र में संस्कृत भारती के प्रांत अध्यक्ष डॉ. सोमेश्वर दत्त ने संगठन के दायित्वों की घोषणा की।
इसके तहत काशी को गुरुग्राम का सह मंत्री, महिपाल को संपर्क प्रमुख, जगमीत को शिक्षण प्रमुख नियुक्त किया गया। कप्तान गुरुदयाल शर्मा को पलवल संपर्क प्रमुख, सुशील शास्त्री को हिसार विभाग सह संयोजक, कर्मवीर को गीता शिक्षण प्रमुख, पारस को विद्यालय कार्य प्रमुख मनोनीत किया गया। इसी क्रम में सुरेंद्र भारद्वाज को जिंद जिला मंत्री, रमेश कुमार को विद्यालय कार्य प्रमुख, निशु को नरवाना बाल केंद्र प्रमुख के रूप में दायित्व दिया गया।

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