Monday, May 18, 2026
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दो दिवसीय फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का हुआ शानदार समापन. 

By LALIT SHARMA , in Crime in Panipat , at January 29, 2025 Tags: , , , ,

शोध पत्र में प्लेगरिज्म 10 प्रतिशत से ज्यादा न हो- प्रो. सुमनजीत सिंह

BOL PANIPAT:  29  जनवरी 2025, आर्य पीजी कॉलेज के रिसर्च एवं डेवलमेंट सैल व अर्थशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शोधपत्र लेखन, प्रकाशन व आचार नीति पर चल रहे दो दिवसीय फैकेल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम का शानदार समापन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज आए प्रो. सुमनजीत सिंह ने अपने संबोधन में शोध पत्रों के विषय में कई अह्म जानकारियों को शिक्षकों व विद्या र्थियों के साथ सांझा किया की। कार्यक्रम के अंत में कॉलेज प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता व अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. सतबीर सिंह, आर एण्ड डी सेल की इंचार्ज डॉ अनुराधा सिंह, आयोजक सचिव डॉ रजनी शर्मा व आर एण्ड डी सेल समन्वयक प्रो पंकज चौधरी ने प्रो. सुमनजीत सिंह को समृति चिन्ह  दे कर सम्मानित किया।

कॉलेज प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता ने बताया कि दो दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का उद्देश्य शिक्षण संकाय के लिए गहन शिक्षण अनुभव प्रदान करना रहा। साथ ही शिक्षा के उभरते क्षेत्र में निरंतर व्यावसायिक विकास की आवश्यकता को देखते हुए, इस एफडीपी ने संकाय सदस्यों को शोध पत्र लिखने संबंधित जानकारियां दी व नवीनतम शिक्षण पद्धतियों, नवीन उपकरणों और पर्यवेक्षण तकनीकों से लैस करने का प्रयास किया।

डॉक्टर सतवीर सिंह ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा की रिसर्च पब्लिकेशन आज के युग की व प्रोफेशनल विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी बन चुका है इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, इस फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया गया

मुख्य वक्ता प्रो. सुमनजीत ने अपने संबोधन में बताया कि साहित्य समीक्षा लिखना व लिखने में सावधानियों के बारे में विस्तार से चर्चा की  इसके अतिरिक्त उन्होंने शोध प्रक्रिया के सेक्शन, जर्नल ढूँढना , क्वालिटी मानक व क्लोनेड जर्नल के बारे में विस्तृत जानकारी दी उन्होंने सभी अवधारणाओ को वास्तविक दुनिया के उद्धहरणों द्वारा समझाया  

प्रोफेसर पंकज चौधरी व डॉक्टर रजनी शर्मा ने बताया इस तरह के फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम से रिसर्च नॉलेज विकसित होती है,और रिसर्च पेपर लिखने से हम नई-नई खोज कर सकते हैं, नई अवधारणाओं के बारे में जान सकते हैं और पब्लिकेशन हमारे प्रोफेशनल विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है इससे नई-नई ज्ञान को सीखने व विद्यमान ज्ञान को और ज्यादा बढ़ाने में सहायता मिलती है तो आशा है कि यह फैकल्टी प्रोग्राम सबके लिए रिसर्च ऊर्जा का संचार करेगा

2 दिन की रिपोर्ट प्रोफेसर पंकज चौधरी द्वारा प्रस्तुत की गई और धन्यवाद नोट भी प्रोफेसर पंकज चौधरी ने प्रस्तुत किया

इस अवसर पर कॉलेज की उपाचार्या डॉ. अनुराधा सिंह, डॉ. अनिल वर्मा, डॉ. गीताजली, डॉ. मधु गाबा, डॉ. सोनिया सोनी, प्राध्यापिका आस्था गुप्ता, डॉ मनीष डुडेजा, अदिति मित्तल, प्रो. पंकज चौधरी, प्राध्यापिका रश्मि गुप्ता, वीनू भाटिया, डॉ. अंजू मलिक, डॉ. गरिमा समेत कॉलेज के अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।

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