Friday, March 13, 2026
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एसडी पीजी कॉलेज में एक माह चलने वाली बहुआयामी नाट्य कार्यशाला का चौथा दिन

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at March 6, 2022 Tags: , , , ,

मुख्य अतिथि संजय भाटिया लोकसभा सांसद करनाल ने बढाया प्रतिभागियों का हौंसला

रंगमंच व्यक्तित्व के सम्पूर्ण विकास का सशक्त माध्यम है: संजय भाटिया

BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज में सांस्कृतिक मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत आने वाले ‘नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा’ की पहल पर और बिजली विभाग के सानिध्य में एक माह तक चलने वाली नाट्य कार्यशाला के चौथे दिन संजय भाटिया लोकसभा सांसद करनाल रंगकर्मियों से रूबरू हुए और उन्होनें उनके बीच बैठकर उन्हें अदभुत हौंसला और प्रेरणा दी. 3 मार्च से 1 अप्रैल 2022 तक चलने वाली यह कार्यशाला शुरुआत समिति के माध्यम से और बिजली विभाग हरियाणा सरकार के सहयोग से चलाई जा रही है. प्रदेश में उभरते लेखकों और रंग-मंच कलाकारों की युवा पीढ़ी तैयार करने की दिशा में आयोजित यह कार्यशाला एक महत्वपूर्ण कड़ी है जिसमे प्रसिद्ध काव्य ग्रन्थ “हल्दी घाटी का युद्ध” पर नाटक तैयार किया जा रहा है जिससे युवा पीढ़ी में देश प्रेम के साथ-साथ इतिहास गौरव के गुण विकसित हो सके. कार्यशाला में आईटीआई पानीपत के छात्रों की जीवन्त भागीदारी ने इसे ऐतिहासिक बना दिया है. कार्यशाला के संचालन में आईटीआई के शिक्षक रमेश और कॉलेज में सांस्कृतिक गतिविधियों की प्रभारी डॉ संगीता गुप्ता का सक्रीय योगदान है. विदित रहे की इस कार्यशाला के प्रेरणाश्रौत पीके दास आईएएस एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव बिजली विभाग हरियाणा सरकार है और यह एनएसडी के निदेशक प्रोफ़ेसर दिनेश खन्ना के मार्गदर्शन में आयोजित हो रही है. मंच संचालन राजीव रंजन ने किया.

संजय भाटिया लोकसभा सांसद करनाल ने कहा की रंगमंच व्यक्तित्व के सम्पूर्ण विकास का सबसे सशक्त माध्यम है. उन्होनें संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार का आभार प्रकट करते हुए कहा की एनएसडी ने पानीपत शहर में ‘हल्दी घाटी’ जैसी प्रसिद्ध रचना को प्रस्तुति का आधार बनाया है. ‘हल्दी घाटी’ श्यामनारायण पाण्डेय की रचना जो जनमानस में देश प्रेम की भावना को जागृत करने की ऐतिहासिक कृति है. पानीपत के विध्यार्थी रंगकर्म के माध्यम देश में राष्ट्रीय एकीकरण की एक नयी जागरण यात्रा आरम्भ करेंगे. उन्होनें कहा की इस मासिक प्रशिक्षण के माध्यम से छात्र-छात्राएं एक ऐसा नाटक तैयार करेंगे जिसे बाद में जन समूह के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और जो जैम-मानस में देश-प्रेम की क्रान्ति का सूत्रपात करेगा. कॉलेज द्वारा किये जा रहे सकारात्मक कार्यों से जुड़ने पर उन्हें गौरव का अनुभव होता है.

लोकेन्द्र त्रिवेदी शिविर निदेशक एवं प्रख्यात रंगकर्मी ने कहा की पानीपत के विद्यार्थियों की हिस्सेदारी उत्साहित करने वाली है. कार्यशाला में संवाद, भाषा, सेट, संगीत, रंग-संवार, कोस्ट्युम, मेकअप आदि सभी विधाओं के प्रशिक्षक निरंतर आ रहे है और युवा प्रतिभागियों को इन आयामों की बारीकियां सिखा रहे है. यह कार्यशाला अपनी तरह की बहुआयामी कार्यशाला है.        

सत्येन्द्र मलिक शिविर निदेशक ने कहा की हरियाणा की रागिनी और सांग जैसी विधाये हिंदी रंगमंच के पारम्परिक श्रौत है. इस कार्यशाला में इन लोक माध्यमों को भी प्रस्तुति का आधार बनाया जा रहा है. संस्कृत नाटक, आधुनिक भारतीय नाटक, पारंपरिक भारतीय रंगमंच रूपों और एशियन नाटक के सुनियोजित अध्ययन और व्यावहारिक प्रस्तुतिकरण का अनुभव भी छात्रों को रंगमंच कला की इस कार्यशाला में दिया जाएगा.

राजीव रंजन कार्यशाला के समन्वयक एवं पीआरओ बिजली विभाग हरियाणा ने कहा की नाटक के माध्यम से हरियाणा में नई पीढ़ी के सांस्कृतिक अग्रदूत पैदा होंगे जो एक नए हरियाणा के निर्माण में अपना सकारात्मक योगदान देंगे.

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा की रंगमंच में जादू होता है. ऐसी कार्यशाला नई पीढ़ी में आजादी के इतिहास का साक्षात्कार जैसा है. हमें आशा है की कार्यशाला से निखर कर नई पीढ़ी के रंगकर्मी हरियाणा में सांस्कृतिक नवजागरण का नया इतिहास लिखेगे. कॉलेज को एनएसडी के साथ जुड़ने पर गौरव की अनुभूति होती है और इससे पानीपत के छात्र-छात्राओं को वह व्यावहारिक ज्ञान मिलेगा जिसे वे अब तक स्वप्न में ही देखते रहे है.     

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