लड़कियों को मासिक धर्म के दौरान रखी जाने साफसफाई और सेनेटरी पैड्स के निपटान के बारे मे बताया
BOL PANIPAT : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पानीपत के कुशल मार्गदर्शन में स्वास्थ्य सखी अभियान के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मतलौढा में एमडीडी ऑफ इंडिया, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वाधान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें स्वास्थ्य विभाग से काउंसलर कुलदीप , एवं एमडीडी ऑफ़ इंडिया से कम्युनिटी सोशल वर्कर पायल, विक्टिम सपोर्ट कोऑर्डिनेटर काजल, व स्कूल प्रिंसिपल सुरेश दलाल रहे।
स्वास्थ्य विभाग से कुलदीप ने स्कूल की बच्चियों को जागरूक करते हुए कहा कि मासिक धर्म और स्वास्थ्य के बारे में समाज के टैबू और शर्म को तोड़ने की जरूरत है और अपने स्वास्थ के प्रति विशेष तौर पर ध्यान देने की जरूरत है ताकि बच्चियों के स्वास्थ्य की अच्छे से देखभाल की जा सके। लड़कियों को मासिक धर्म के दौरान रखी जाने साफसफाई और उसके दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले सेनेटरी पैड्स के निपटान के बारे मे बताया कि मासिक धर्म के दौरान लड़कियों को अपने शरीर की साफ सफाई के साथ साथ अच्छे स्वास्थ्य के लिए मासिक धर्म के दौरान नियमित रूप से पोषक आहार और अन्य सावधानियों पर विशेष ध्यान रखना चाहिए।मासिक धर्म के दौरान दर्द से आराम के लिए विशेष दवाई लेनी चाहिए। लड़कियों को बिना शर्म और झिझक के समाज में प्रचलित टैबू को तोड़ने की जरूरत है और सैनेट्री पैड के निपटान के लिये उसे खुले में फेंकने की बजाय किसी पेपर में लपेट कर या जलाए जा सकते है। सैनेट्री पैड या साफ सूती कपड़े को धूप में सुखा के इस्तेमाल किया जा सकता है
एमडीडी से पायल ने बताया कि किस प्रकार हमे समाज द्वारा बताए गए नियमों जैसे आचार को छूने से मना करना या उन विशेष दिनों में हमें मंदिर में प्रवेश पर रोक जैसे नियमों को भी तोड़ना होगा और ये लड़के और लड़कियों समेत सभी को समझने की जरूरत है कि ये सब मिथक और हमारी भ्रांतियां है जिन से हमें बाहर निकलने की जरूरत है और साथ साथ मासिक धर्म के दौरान सेनेटरी पैड या कपड़े को बार बार बदलते रहे और हर बार अपने हाथ साबुन से धोने अन्य सभी चीजों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। मासिक धर्म के दौरान ज्यादा रक्त श्राव या अनियमित जैसी कोई भी समस्या आती है तो स्त्री रोग विशेषज्ञ के अनुसार ही कोई दवाई ली जा सकती है वह समाज द्वारा बनाया गया स्त्री पुरुष भेदभाव खत्म कर हमें अपने परिवार में पिता भाई से खुलकर इस विषय पर बातचीत करनी चाहिए वह अपने आसपास भी जागरूकता फैलानी चाहिए उन्होंने बताया कि बाल विवाह भी एक सामाजिक बुराई है जिससे हमें बचने की जरूरत है ऐसे किसी भी बाल विवाह की सूचना पुलिसिया चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर पर की जा सकती है व सभी को बाल विवाह के खिलाफ एक शपथ भी दिलवाई और बाल विवाह के खिलाफ जागरूक करने का आह्वान किया। एक सवाल जवाब प्रतियोगिता कराई गई जिनमें कुछ बच्चों को सम्मानित किया गया जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से एमडीडी ऑफ इंडिया ने मतलौढा की झुग्गियों में सैनिटरी पैड्स भी वितरित किए और पूरे फरवरी माह में जगह जगह जागरूकता कार्यक्रम और सैनिटरी पैड्स वितरण अभियान चलाया जाएगा इस कार्यक्रम के मौके पर स्कूल प्रिंसिपल मिस्टर सुरेश दलाल , कविता सुमन संतोष व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता विपिन कुसुम मंजू दर्शन नवीन इत्यादि शामिल रहे

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