Friday, May 22, 2026
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शहर में साफ-सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए टोल फ्री नंबर और ऑनलाइन शिकायत प्रणाली शुरू की जाएगी: उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at May 22, 2026 Tags: , , , , , ,

कचरा प्रबंधन नियम-2026 को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा

शहर को साफ, सुंदर और आधुनिक शहर बनाना हमारा लक्ष्य

स्वच्छता केवल अभियान नहीं बल्कि हमारी जिम्मेदारी

जिले में स्वच्छता सर्वेक्षण को देखते हुए 6 जून तक विशेष सफाई अभियान चलाया जाए

सफाई अभियान पर प्रशासन खर्च करेगा 2.50 करोड़

BOL PANIPAT : 22 मई। हरियाणा सरकार में गृह सचिव सुधीर राजपाल ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्त और संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का मुख्य उद्देश्य ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2026 को प्रभावी रूप से लागू करने पर समीक्षा करना और जल जीवन मिशन 2.0 के कार्यों की समीक्षा करना था। उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने गृह सचिव को आश्वस्त किया कि 2026 की गाइड लाइन को धरातल पर लागू किया जाएगा। उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया ने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में ठोस कचरा प्रबंधन नियमों को हर हाल में लागू किया जाए तथा स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाए।

    उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जारी ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2026 के तहत अब कचरा प्रबंधन व्यवस्था को पूरी तरह वैज्ञानिक और डिजिटल प्रणाली से जोड़ा जा रहा है। उपायुक्त को इस इस प्रबंधन नियम के तहत एफआईआर दर्ज करने का अधिकार दिया गया है। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में तत्काल सर्वे करवाकर सभी आवश्यक आंकड़े तैयार किए जाएं और प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारी तय करते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करे। उन्होंने डिप्टी म्यूनिसिपल कमिश्नर को निर्देश दिए कि ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़े कार्यों की निगरानी बढ़ाई जाए तथा अधिकारी लगातार फील्ड में जाकर निरीक्षण करें। उपायुक्त ने कहा कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं भी गंदगी नहीं दिखनी चाहिए। स्वच्छता सर्वेक्षण को देखते हुए 6 जून तक विशेष सफाई अभियान चलाया जाए और कचरे की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए।

उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने कहा स्वच्छता केवल अभियान नहीं बल्कि हमारी जिम्मेदारी है। शहर को साफ, सुंदर और आधुनिक शहर बनाना हमारा लक्ष्य है। ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2026 को जिले में पूरी सख्ती से लागू किया जाएगा। अधिकारी फील्ड में जाकर कार्यों का निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण हो। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हमारा उद्देश्य केवल सफाई तक सीमित नहीं बल्कि स्थायी और प्रभावी कचरा प्रबंधन प्रणाली विकसित करना है। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित विभाग नोडल अधिकारी नियुक्त करे तथा 5 जून तक संबंधित सचिव को ऑनलाइन पोर्टल पर विस्तृत रिपोर्ट अपलोड की जाए।    

  उपायुक्त ने कहा कि सभी शहरी स्थानीय निकाय और संबंधित एजेंसियों को केंद्रीकृत ऑनलाइन पोर्टल से जोड़ा जाएगा, जहां कचरे के संग्रहण, निस्तारण और प्रसंस्करण से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी। बैठक में बताया गया कि ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2026 के तहत अब घरों, संस्थानों और बड़े कचरा उत्पादकों को गीला कचरा, सूखा कचरा, सैनिटरी कचरा और विशेष देखभाल वाले कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित करना अनिवार्य होगा। गीले कचरे का निस्तारण खाद निर्माण और बायो-मीथनेशन के माध्यम से किया जाएगा, जबकि सूखे कचरे को सामग्री पुनप्र्राप्ति केंद्रों में भेजा जाएगा। सैनिटरी कचरे को सुरक्षित तरीके से अलग रखा जाएगा और विशेष देखभाल वाले कचरे जैसे बल्ब, बैटरी और दवाइयों का निस्तारण अधिकृत एजेंसियों द्वारा किया जाएगा।

उपायुक्त ने अधिकारियों को बड़े कचरा उत्पादकों की पहचान और जियो टैगिंग करने के भी निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि बड़े संस्थान, सरकारी भवन, विश्वविद्यालय और बड़ी आवासीय सोसायटियों को ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकृत किया जाएगा। साथ ही कचरा संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जाएगी ताकि दोबारा गंदगी जमा न हो। उपायुक्त डॉ दहिया ने कहा कि शहर में साफ-सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए टोल फ्री नंबर और ऑनलाइन शिकायत प्रणाली शुरू की जाएगी ताकि नागरिक सीधे प्रशासन तक अपनी शिकायत पहुंचा सकें। उन्होंने कहा कि सभी लंबित टेंडरों की समीक्षा कर कार्यों में तेजी लाई जाए और जरूरत पडऩे पर विशेष अभियान चलाकर सफाई व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। बैठक के दौरान अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि स्थानीय निकाय अपने-अपने क्षेत्र के लिए ठोस कचरा प्रबंधन कार्य योजना तैयार करें, जिसमें भविष्य में बढऩे वाले कचरे का आकलन, वैज्ञानिक निस्तारण व्यवस्था और आधुनिक सफाई तंत्र को शामिल किया जाए। साथ ही प्रत्येक वार्ड में रिसाइकिल, रीयूज और रिकवरी केंद्र तथा सामग्री पुनप्र्राप्ति केंद्रों को सक्रिय करने के निर्देश भी दिए गए।

उपायुक्त ने कहा कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार स्कूल स्तर पर भी जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे ताकि बच्चों और युवाओं को कचरा पृथक्करण और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा सके। उपायुक्त ने कहा कि नागरिकों की भागीदारी के बिना स्वच्छता अभियान सफल नहीं हो सकता, इसलिए आमजन को भी आगे आकर प्रशासन का सहयोग करना चाहिए। इस अवसर पर निगम आयुक्त डॉ. पंकज, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजेश शर्मा, डिप्टी म्यूनिसिपल कमिश्नर अरुण भार्गव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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