Monday, June 15, 2026
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एस.डी. (पी.जी.) कॉलेज में ट्रैफिक पुलिस पानीपत द्वारा ट्रैफिक उपकरण प्रदर्शनी का आयोजन


BOL PANIPAT : 12 मई 2022, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में ट्रैफिक पुलिस पानीपत द्वारा ट्रैफिक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया कार्यक्रम में ट्रैफिक थाना प्रभारी पानीपत मनजीत सिंह और उनकी टीम ने महाविद्यालय के छात्र व छात्राओं को ट्रैफिक के महत्व व कार्यप्रणाली की जानकारी दी. उन्होंने कहा की भारत में प्रत्येक वर्ष सड़क हादसों में 1.5 लाख लोगों की मृत्यु हो जाती है. अधिकांश हादसे ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से होते हैं. हेलमेट न लगाना, सीट बेल्ट न लगाना, मदिरापान करके वाहन चलाना, गलत दिशा में वाहन चलाना, गति सीमा का उल्लंगन करना, मोबाइल का प्रयोग करते हुए वाहन चलाना आदि इन हादसों के मुख्य कारण है. इस उपकरण के माध्यम से मदिरा की मात्रा का सटीकता से अनुमान लगाया जा सकता है. इसके अरिरिक्त इ-चालान प्रक्रिया की सम्पूर्ण कार्य प्रणाली को प्रयोगात्मक विधि से विद्यार्थियों को समझाया. इ-चालान उपकरण इन्टरनेट के माध्यम से वाहनों के रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड से जुड़ जाता है. किसी भी वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर उपकरण में डालते ही उस वाहन के मालिक का नाम, पता, मोबाइल न. आदि जानकारी स्क्रीन पर उपलब्ध हो जाती है. नियम के उल्लंगन की स्थिति में इ-चालान प्रक्रिया से इ-चालान घर पर भेज दिया जाता है.उपकरणों में एक कैमरे का भी प्रदर्शन किया गया. उस कैमरे को अपनी कमीज पर लगाकर किसी भी वाहन चालक की चालान की प्रक्रिया व बातचीत को रिकॉर्ड किया जा सकता है.

ट्रैफिक एस.एच.ओ. ने बताया की पानीपत के स्थान-स्थान पर 36 कैमरे लगाए गए हैं व नगर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिय शहर की चप्पे-चप्पे पर ट्रैफिक पुलिस की निगरानी है. उन्होंने विद्यार्थियों को आह्वान किया की ट्रैफिक के नियमो का उल्लंघन जानलेवा हो सकता है. थोड़ी सावधानी से दुर्घटना व मृत्यु से बचा जा सकता है.

इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने कहा की पानीपत ट्रैफिक पुलिस सराहनीय कार्य कर रही है. ट्रैफिक पुलिस मात्र चालान काटने की व्यवस्था नही है.ट्रैफिक पुलिस अपने वास्तविक कर्तव्य को समझ रही है.जनसंपर्क कर ट्रैफिक नियमो के प्रति जागरूकता का कार्य कर रही है. प्राचार्य ने कहा की युवा अवस्था में जोश, उर्जा एवं उत्साह है. जल्दबाजी भी होती है. युवा अनेक बार किसी भी प्रकार के परामर्श को अपने निजी जीवन में हस्तक्षेप मानते हैं. अनेक बार वे महत्वपूर्ण बातों को भी नजर अंदाज़ करते है. परन्तु जो विषय जीवन, समाज, स्वास्थ्य, राष्ट्र से जुड़े हुए हैं. उनके प्रति युवा का सजग होना अति आवश्यक है.समर्थ युवा के माध्यम से समर्थ राष्ट्र, सशक्त युवा के माध्यम से सशक्त राष्ट्र आज भारत की आवश्यकता है. प्राचार्य ने ट्रैफिक जागरूकता के क्षेत्र में अपनी संस्था की सहभागिता का आश्वासन दिया.

इस अवसर पर शारीरिक शिक्षा विभागाद्यक्ष डॉ. सुशीला बेनीवाल ने कहा की खेलों में नियम पालना के अनुशासन की परम्परा को सड़क नियमो की पालना में अपनाना चाहिए. इस अवसर पर कार्यक्रम में डॉ. सुशीला बेनीवाल व दीपक मित्तल भी मौजूद रहे.

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