गेहूं उठान व ढुलाई के टेंडर पर दो पक्ष आये आमने – सामने। एक ने प्रेसवार्ता कर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप . दूसरे पक्ष ने कहा कि ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया में नहीं हो सकता भ्रष्टाचार
BOL PANIPAT : स्काईलार्क टूरिस्ट कंपलेक्स में आज ट्रांसपोर्टर सुमेश जैन ने एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। ट्रांसपोर्टर सुमेश जैन का आरोप है की इस बार टेंडर प्रक्रिया में भ्रष्टाचार होने की वजह से उन्हें टेंडर नहीं मिल पाए। उनके टेंडर डॉक्यूमेंट रद्द कर दिए गए। आपको बता दें कि विभिन्न मंडियों से गेहूं के उठान की प्रक्रिया के तहत ट्रांसपोर्टरों द्वारा ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया के तहत टेंडर भरे जाते हैं।पिछले वर्ष तक पानीपत की विभिन्न मंडियों में विभिन्न टेंडर सुमेश जैन की ट्रांसपोर्ट कम्पनी के पास था परंतु इस बार उन्हें टेंडर नहीं मिला। सुमेश जैन का आरोप है कि इस प्रक्रिया में 10 से ₹12 करोड़ का घपला हुआ है। उनका कहना है कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार बिड रेट 10% से अधिक बढ़ाई नहीं जा सकती थी परंतु इन टेंडरों में बिड 10% से ज्यादा बढ़ाई गई है।

वहीं दूसरी ओर टेंडर लेने वाली कंपनी पूनम रोड लाइंस के संचालक सुनील गुलिया भी सामने आए।अपना पक्ष रखते हुए उन्होंने कहा की सरकार द्वारा पूरी पारदर्शिता के साथ ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया के तहत में ठेका मिला है ।किसी भी प्रकार की कोई भी गड़बड़ नहीं की गई। उन्होंने कहा कि सुमेश जैन की कम्पनी टेंडर का नहीं मिला इसीलिए वह ऐसे आरोप लगा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सुमेश जैन की ट्रांसपोर्ट कम्पनी ने सरकार से कई जगह के लिए पिछले साल टेंडर लिए पर बीच में ही काम को अधूरा छोड़ दिया।पिछले साल भी सुमेश जैन की ट्रांसपोर्ट कम्पनी का पेंडिंग काम उनकी फर्म ने पूरा किया था। सरकार द्वारा टेंडर पूरा करने वाले सभी ट्रांसपोर्ट कम्पनियों को सन्तुष्टि पत्र जारी किया जाता है सुमेश जैन की कम्पनी को इस वर्ष अनियमितताओं के चलते सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया। सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि ई टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी होती है व सरकारी अधिकारियों की देखरेख में ही टेंडर खोले जाते हैं ऐसे में घपले का सवाल ही पैदा नहीं होता।

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