एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के दो खिलाड़ी योग में खेलो इंडिया गेम्स के लिए हुए चयनित.
-भुवनेश्वर (उड़ीसा) में आयोजित ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी योग टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन के बूते पर पाया यह स्थान
-व्यक्तिगत चेतना और स्वयं से साक्षात्कार का सबसे सशक्त माध्यम है योग: डॉ अनुपम अरोड़ा
BOL PANIPAT , 22 जनवरी, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के दो खिलाड़ियों मनीष और अनिल ने किट यूनिवर्सिटी भुवनेश्वर (उड़ीसा) में आयोजित आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी योग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन के आधार पर खेलो इंडिया गेम्स के लिए क्वालीफाई कर लिया है जो कॉलेज और प्रदेश के लिए गर्व का विषय है । देश के अलग-अलग विश्वविधालयों से आई टीमों में से सिर्फ 8 टीमों को ही खेलो इंडिया गेम्स में भाग लेने के लिए चयनित किया जाता है जिमें मनीष और अनिल ने कामयाबी हासिल की है । कॉलेज पहुँचने पर एसडी पीजी कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्षा प्रो सुशीला बेनीवाल, प्रो आनंद, प्रो रेखा, कोच अंकुश, ग्राउंड्समैन प्रताप और स्टाफ सदस्यों ने विजेता खिलाड़ियों का स्वागत किया और इनका हौंसला बढ़ाया । विदित रहे कि ये दोनों खिलाडी इससे पहले भी कई योग प्रतियोगिताओं में मैडल जीत कर कॉलेज और प्रदेश का नाम रोशन कर चुके हैं ।
प्रधान दिनेश गोयल ने दोनों खिलाड़ियों को शाबाशी देते हुए कहा कि कॉलेज प्रशासन हमेशा ही खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और शिक्षा के बीच सामंजस्य बनाने का प्रयास करता रहा है ताकि हर विद्यार्थी के व्यक्तित्व का समग्र विकास हो सके और हर छात्र-छात्रा को जीवन में आगे बढ़ने का बराबर अवसर मिल सके । योग में खेलो इंडिया गेम्स में जगह बनाकर इन खिलाड़ियों ने हमें यह सिखाया है कि मजबूत भविष्य निर्माण किसी भी मार्ग से हो सकता है । जरुरत सिर्फ लगन, मेहनत और अनुशासन की है । योग भावनात्मक एकीकरण और रहस्यवादी तत्व का स्पर्श लिए हुए एक आध्यात्मिक उंचाई है जो हम सभी को कल्पनाओं से परे की एक झलक देने में पूर्ण रूप से सक्षम है ।
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने मनीष और अनिल का हौंसला बढ़ाते हुए कहा कि योग मनुष्य को दीर्घ जीवन प्रदान करता है । योग दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है; मनुष्य और प्रकृति के बीच का सामंजस्य है; विचार, संयम और पूर्ति प्रदान करने वाला है तथा स्वास्थ्य और भलाई के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को भी पैदा करता है । यह व्यायाम के बारे में नहीं है बल्कि अपने भीतर एकता की भावना, दुनिया और प्रकृति की खोज के विषय बारे में । कॉलेज के खिलाडियों ने न सिर्फ योग को अपनाया है बल्कि खेलो इंडिया गेम्स के लिए क्वालीफाई कर यह भी साबित किया है कि योग हर प्रकार से हमारी उन्नति में मददगार सिद्ध होता है । योग व्यक्तिगत चेतना और खुद की आत्मा से मिलने का सबसे बेहतर तरीका है ।
डॉ सुशीला बेनीवाल ने कहा कि योग को औपचारिक रूप से 2020 में एक खेल के रूप में मान्यता दी गई और भारत में राष्ट्रीय योग खेल महासंघ को इस खेल के लिए आधिकारिक शासी निकाय बनाया गया । स्वदेशी खेलों को बढ़ावा देने पर जोर देने के साथ, योगासन को खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2021 में कलारीपयट्टू, गतका और मलखंब के साथ शामिल किया गया । योग द्वारा हमारा शरीर तंदरूस्त रहता है, हृदय और फेफड़ों की कार्यक्षमता में वृद्धि होती है, योग के नियमित अभ्यास से शरीर रोग मुक्त रहता है, शरीर की शक्ति, चपलता, लोच एवं समन्वय में बढ़ावा होता और इससे हमारी स्मरण शक्ति में वृद्धि होती है । इसीलिए योग को खेलों में प्रमुख स्थान मिला है ।
इस अवसर पर कॉलेज के स्टाफ सदस्य डॉ एसके वर्मा, डॉ राकेश गर्ग, प्रो सुशीला बेनीवाल, प्रो आनंद, प्रो रेखा, कोच अंकुश, दीपक मित्तल, ग्राउंड्समैन प्रताप मौजूद रहे ।

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