ड्रग्स एब्यूज व ड्रग्स एडिक्शन विषय पर वार्ता का आयोजन किया.
BOL PANIPAT : आई. बी. स्नातकोत्तर महाविद्यालय में ” यूथ अगेंस्ट ड्रग्स क्लब एवं संस्कार शाला क्लब ” के द्वारा ड्रग्स एब्यूज व ड्रग्स एडिक्शन विषय पर एक वार्ता का आयोजन किया गया । वार्ता का विषय “नशीली दवाओं के दुरुपयोग और व्यसन के बारे में जागरूकता” रहा । कार्यक्रम का शुभारम्भ प्राचार्य डॉ. अजय कुमार गर्ग, डॉ. निधान सिंह, डॉ विक्रम कुमार , प्रो ईरा गर्ग , प्रो अजय पाल सिंह , संयोजक, यूथ अगेंस्ट ड्रग्स क्लब, प्रो अश्वनी गुप्ता संयोजक, संस्कार शाला क्लब एवं प्रो रेखा शर्मा के द्वारा किया गया । इस वार्ता के मुख्य वक्ता श्री सतीश कुमार वत्स , डी.एस.पी, हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो रहे । इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ अजय कुमार गर्ग ने कहा कि नशे की लत की समस्या आजकल एक बड़ी समस्या बनती जा रही है | ड्रग्स व दवाइयों का सही प्रयोग यदि डॉक्टर के परामर्श से किया जाए तो यह ड्रग्स जीवन के लिए उपयोगी होती है। लेकिन यदि इनका प्रयोग ज्यादा मात्रा में या बिना कारण से किया जाता है, तो यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक होती। है। मुख्य वक्ता श्री सतीश कुमार वत्स ने अपने वक्तव्य में सभी विद्यार्थियों से आह्वान किया कि आज हमें शपथ लेनी चाहिए कि हम किसी भी प्रकार का नशा नहीं करेंगे और अपने आसपास भी किसी को नशा नहीं करने देंगे। उन्होंने कहा कि जब लोगों की नसों में खून की जगह नशा दौड़ता है तो परिवार और समाज पतन की तरफ चले जाते हैं । जो युवा अपनी काबिलियत और रचनात्मक कार्यों की बदौलत समाज को ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं वही कई युवा नशे की वजह से समाज पर बोझ बनकर उनको खोखला कर देते हैं । उन्होंने विद्यार्थियों के कहा कि हम सब मिलकर हरियाणा सरकार के ड्रग्स व नशा मुक्त अभियान में पूरा सहयोग करेंगे और इस राज्य से नशे का खात्मा कर देंगे । ड्रग्स की लत से विद्यार्थियों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है, क्योंकि जब एक विद्यार्थी ड्रग्स की लत में पड़ जाता है तो जीवन में किसी योग्य नहीं रहता और उसके इलाज से भी बहुत खर्च आता है । ऐसा व्यक्ति समाज व राष्ट्र निर्माण में जो अपना योगदान दे सकता था वह इस ड्रग्स की लत के कारण अपना योगदान नहीं दे पाता है । नशे से बचाने के लिए कानून सख्त किए जाने के साथ-साथ सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता, परिवारों की सजगता और सहयोग पर केंद्रित किया जाना चाहिए। इससे नशे के दुष्प्रभाव के प्रति लोगों को न केवल सचेत किया जा सकता है, बल्कि इस अवैध कारोबार की सूचना भी नियामक संस्थाओं तक पहुंचाई जा सकती है। नशीले पदार्थों के उपभोग के मुद्दों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए लघु एवं दीर्घकालीन इलाज के साथ-साथ नशा मुक्ति के बाद पुनर्वास पर भी जोर देना चाहिए। आधे से अधिक लोग एक बार नशा को त्यागने के बाद फिर से नशे के चपेट में आ जाते हैं। इस अभियान से जुड़े विभिन्न लोगों और संस्थाओं का क्षमता निर्माण, शैक्षणिक संस्थानों के साथ सकारात्मक साझेदारी, ड्रग्स हॉट स्पॉट वाले स्थान के स्पेशल ड्राइव और उपचार, पुनर्वास और परामर्श सुविधाओं में वृद्धि कर हम नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर लगाम कस सकते है। इस वार्ता में सभी संकाय से लगभग 100 विद्यार्थियों ने भाग लिया। वार्ता के अंत में विद्यार्थियों ने श्री सतीश वत्स से अपने प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी लिया। प्रो. अजय पाल सिंह एवं प्रोफेसर अश्वनी गुप्ता ने अंत में सभी का धन्यवाद किया। इस प्रतियोगिता के आयोजन में प्रो निशा गुप्ता , प्रो मानित कौर , श्री टिंकू कुमार का विशेष योगदान रहा । मंच का संचालन प्रो. रेखा शर्मा के द्वारा किया गया।

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