Friday, May 1, 2026
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एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के दो खिलाड़ियों ने आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी कराटे चैंपियनशिप में झटके मेडल्स 

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at January 20, 2025 Tags: , , , ,

दोनों खिलाड़ियों का यूनिवर्सिटी खेलो इंडिया गेम्स के लिए हुआ चयन

राष्ट्रीय स्तर पर मैडल प्राप्त करना एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है: दिनेश गोयल  

BOL PANIPAT , 20 जनवरी.

एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के दो खिलाड़ियों ने आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी कराटे चैंपियनशिप में तीन मैडल जीतकर कॉलेज और जिले का मान बढाया है । एमडी यूनिवर्सिटी रोहतक में आयोजित कराटे की व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धाओं में 67 किलोग्राम भारवर्ग में जतिन सैनी ने रजत, 84 किलोग्राम भारवर्ग में दीपांशु रोहिला ने रजत और टीम फाइट में जतिन सैनी ने कांस्य पदक पर कब्ज़ा किया । विजेता खिलाड़ियों का कॉलेज प्रांगण में पहुँचने पर स्वागत कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्षा डॉ सुशीला बेनीवाल, प्रो रेखा, प्रो अंकुश मलिक, प्रो आनंद, ग्राउंड्समैन प्रताप सिंह और अन्य प्राध्यापकों ने किया । सबसे अधिक हर्ष का विषय यह रहा कि इन दोनों खिलाड़ियों का चयन यूनिवर्सिटी खेलो इंडिया चैंपियनशिप के लिए भी हो गया है जिसमें देश के टॉप 8 खिलाड़ी ही भाग ले पाते है । जतिन वैसे भी कराटे में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खुद का लोहा मनवा चुके है और कराटे में नेशनल मैडल एवं नार्थ जोन यूनिवर्सिटी में रजत पदक जीत चुके है । दीपांशु ने भी जूनियर नेशनल में रजत और स्कूल नेशनल गेम्स में कांस्य पदक पर कब्ज़ा किया है । 

प्रधान दिनेश गोयल ने अपने आशीर्वचन में कहा कि जतिन और दीपांशु ने जो उपलब्धि हासिल की है वह हर विद्यार्थी के लिए गौरव और हर्ष का विषय है । इस जीत के पीछे इन सबकी लगन और कड़ी मेहनत का हाथ है । खेल सभी के जीवन में, विशेष रुप से विद्यार्थियों के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं । खेल गतिविधियों में शामिल होना हर व्यक्ति के लिए कई तरह से फायदेमंद होता है । खेल न केवल शारीरिक ताकत प्रदान करते है बल्कि इनसे हम मानसिक रूप से भी शक्तिशाली और मजबूत बनते है । अब तो खेल हमें अपने पैरो पर भी खड़ा होने में मदद करने लगे है । विश्वविधालय और राष्ट्रीय स्तर पर भाग लेना और फिर स्वर्ण पदक जीतना अपने आप में गौरवपूर्ण उपलब्धि है । इन खिलाडियों ने यही संदेश और प्रेरणा हम सभी को दी है । कॉलेज अपने खिलाड़ियों को हर तरह से प्रोत्साहित करता है और भविष्य में भी उन्हें इसी प्रकार से प्रेरित करता रहेगा । 

डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि कराटे प्रशिक्षण और कराटे चैंपियनशिप के माध्यम से खिलाड़ियों के आत्मबल वृद्धि होती है । मौजूदा समय में हम सभी को आत्म सुरक्षा के लिए स्वावलंबी बनना काफी आवश्यक है । कराटे के शिक्षण के माध्यम से छात्राओं और खिलाड़ियों की शारीरिक और मानसिक ताकत बढती है । आत्म-सुरक्षा के लिए इसे न सिर्फ खेल के रूप में बल्कि अपने रोजमर्रा के जीवन में भी इसे हमें अपनाना चाहिए । दोनों खिलाड़ियों की तारीफ़ करते हुए उन्होनें कहा कि समयबद्धता, धैर्य, अनुशासन और लगन के कारण ही जतिन और दीपांशु ने इस मुकाम को हासिल किया है । इंटर यूनिवर्सिटी स्तर पर पदक जीतना हर एक खिलाड़ी का स्वप्न होता है । कॉलेज ने खेलों को हमेशा बढ़ावा दिया है और यहाँ के खिलाड़ियों ने भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाकर कॉलेज का भरपूर नाम रोशन किया है । कॉलेज को अपने खिलाड़ियों पर नाज है और इन्हें आगे बढ़ने के और भी अवसर दिए जायेंगे । 

डॉ सुशीला बेनीवाल शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष ने दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धियों के बारे में बोलते हुए कहा कि ऐसे खिलाडी बहुत कम होते है जो इतनी कम उम्र में बड़े कारनामे कर जाते है । इन दोनों खिलाड़ियों की कामयाबी का सफ़र बहुत लम्बा है और वे  अभी और बड़ा मुकाम हासिल करेंगे ।      

जतिन और दीपांशु ने कहा कि उनकी जीत का श्रेय उनके माता-पिता, कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, प्रो सुशीला बेनीवाल, प्रो रेखा, प्रो अंकुश और कॉलेज प्रशासन को जाता है । उनके माता-पिता सदा उनके साथ खड़े रहे है और कॉलेज से भी उन्हे भरपूर मदद और हौंसला मिला है । अब वे अंतर्राष्टीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ना चाहते है और इसके लिए वे निरंतर अभ्यास में जुटे हुए है ।  

इस अवसर पर कॉलेज स्टाफ सदस्य डॉ एसके वर्मा, दीपक मितल मौजूद रहे । 

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