एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में वाणिज्य विभाग द्वारा उद्यमिता पखवाड़े के अंतर्गत ‘उद्यमिता की ओर बढ़ते कदम’ (पाथ टू एंटरप्रुनेरशिप) विषय पर सेमीनार का आयोजन
–जेसीआई पानीपत केंद्र से पधारे जेसीआई सुखपाल और जेसीआई कुलभूषण नारंग ने अपने व्याख्यानो से किया विद्यार्थियों का मार्गदर्शन
–विचारों को व्यवहार में लाना और उपयुक्त निर्णय लेने की क्षमता एक अच्छे उद्यमी की पहचान: जेसीआई सुखपाल
BOL PANIPAT , 12 सितम्बर,
एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में वाणिज्य विभाग द्वारा उद्यमिता पखवाड़े के अंतर्गत ‘उद्यमिता की ओर बढ़ते कदम’ विषय पर सेमीनार का आयोजन किया गया जिसमें जेसीआई पानीपत केंद्र से पधारे जेसीआई सुखपाल और जेसीआई कुलभूषण नारंग ने अपने व्याख्यानो से विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया । मेहमानों का स्वागत प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, डॉ राकेश गर्ग, समन्वयक डॉ दीपा वर्मा, डॉ दीपिका अरोड़ा और डॉ पवन कुमार ने पौधे-रोपित गमले भेंट करके किया । उनके साथ प्रो मनोज, प्रो आशीष, प्रो पूजा, प्रो शिल्पा, प्रो भावना और प्रो रूही ने भी सेमीनार में हिस्सा लिया । मंच संचालन डॉ दीपा वर्मा ने किया ।
जेसीआई सुखपाल ने अपने व्याख्यान में कहा कि उद्यमिता का मार्ग एक रोमांचक और चुनौतीपूर्ण यात्रा है । इसमें कुछ महत्वपूर्ण बातें शामिल होती है जो हमारे उद्यमिता के मार्ग पर आगे बढ़ने में हमारी मदद करती हैं । उद्यमिता के कुछ मूल तत्वों की बात करते हुए उन्होनें कहा कि एक अच्छा विचार उद्यमिता की नींव होता है । यह विचार हमारे उत्पाद या सेवा के बारे में होना चाहिए जो बाजार की मांग को पूरा कर सके । एक अच्छी व्यावसायिक योजना हमकों हमारे लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करती है । इसमें हमारे उत्पाद, बाजार, वित्तीय और मानव संसाधनों के बारे में जानकारी अवश्य होनी चाहिए । सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उद्यमिता के लिए निवेश अति आवश्यक है । यह निवेश हमारे व्यवसाय को शुरू करने और बढ़ाने में मदद करता है । उद्यमिता के चरणों के बारे में बताते हुए कहा कि हमें अपने विचार को विकसित कर एक व्यावसायिक योजना बनानी चाहिए । अपने व्यवसाय को शुरू करने के लिए निवेश प्राप्त कर आवश्यक और ठोस कदम उठाने चाहिए । अपने व्यवसाय को बढ़ाने और विस्तारित करने के लिए काम करना चाहिए । अपने व्यवसाय को बेहतर बनाने के लिए निरंतर सुधार और नई चुनौतियों का सामना करने की क्षमता भी एक अच्छे उद्यमी कि पहचान है । उद्यमिता के लाभों के बारे में उन्होनें कहा कि उद्यमिता हमकों आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने में मदद करती है । हम अपने व्यवसाय के मालिक होते हैं और नौकरी की सुरक्षा का आनंद लेते हैं । उद्यमिता हमें हमारे लक्ष्यों को प्राप्त करने और व्यक्तिगत संतुष्टि प्राप्त करने में मदद करती है ।
जेसीआई कुलभूषण नारंग ने उद्यमिता की चुनौतियों पर बोलते हुए कहा कि उद्यमिता में जोखिम भी शामिल होता है और हमें अपने व्यवसाय के लिए जोखिम उठाने के लिए तैयार रहना चाहिए । इसके लिए कड़ी मेहनत और समर्पण की आवश्यकता होती है । उद्यमिता में वित्तीय अनिश्चितता हो सकती है इसलिए हमें अपने वित्त को सावधानी से प्रबंधित करना चाहिए । उद्यमिता का मार्ग चुनौतीपूर्ण हो सकता है लेकिन यह हमकों हमारे लक्ष्यों को प्राप्त करने और व्यक्तिगत संतुष्टि प्राप्त करने में मदद कर सकता है । यदि हम उद्यमिता के बारे में अधिक जानना चाहते हैं या अपने व्यवसाय को शुरू करने के बारे में सोच रहे हैं तो हमें आगे की जानकारी प्राप्त करने और विशेषज्ञों से परामर्श करने में संकोच नहीं करना चाहिए ।

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