Friday, April 17, 2026
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 राष्ट्रीय सेवा योजना और स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में “आत्मनिर्भर भारत” विषय पर एक भव्य एवं प्रेरणादायी व्याख्यान का आयोजन किया गया।

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at October 1, 2025 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT : आई.बी.(पीजी) महाविद्यालय, पानीपत  में राजनीति विज्ञान विभाग, राष्ट्रीय सेवा योजना और स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में “आत्मनिर्भर भारत” विषय पर एक भव्य एवं प्रेरणादायी व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता सतीश कुमार, स्वावलंबी भारत अभियान के राष्ट्रीय सह-संगठक रहे।

“कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन द्वारा किया गया। महाविद्यालय की प्रबंधन समिति के सदस्यों द्वारा मुख्य अतिथि को तुलसी का पौधा भेंट कर उनका अभिनंदन और स्वागत किया । महाविद्यालय की प्राचार्या डा. शशि प्रभा मलिक ने अपने संबोधन में कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान केवल एक आर्थिक नीति ही नहीं बल्कि एक राष्ट्रीय आंदोलन है, जो आत्मगौरव, स्वाभिमान और स्वदेशी संस्कृति से जुड़ा हुआ है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन को अपनाएं और देशहित को सर्वोपरि रखें। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों को न केवल प्रेरित करते हैं बल्कि उन्हें राष्ट्रीय विकास में अपनी भूमिका समझने का अवसर भी प्रदान करते हैं।

मुख्य अतिथि सतीश कुमार ने अपने वक्तव्य में कहा कि “हमारा जीवन तभी संतुलित और राष्ट्र हितकारी होगा, जब हम इच्छा से देशी, ज़रूरत में स्वदेशी और केवल मजबूरी में विदेशी वस्तुओं का उपयोग करेंगे।” उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया कि वे आत्मनिर्भर भारत अभियान को केवल नारा न समझें, बल्कि इसे अपने जीवन का मूलमंत्र बनाकर आगे बढ़ें। उन्होंने यह भी बताया कि जब तक हम विदेशी वस्तुओं पर निर्भर रहेंगे, तब तक भारत वास्तविक अर्थों में सशक्त नहीं बन पाएगा। आज के युवा पीढ़ी को स्टार्टअप्स, नवाचार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में कार्य करना चाहिए ताकि भारत वैश्विक मंच पर एक आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में खड़ा हो सके।

महाविद्यालय प्रबंधन समिति के उपप्रधान बलराम नंदवानी ने अपने भाषण की शुरुआत  प्रेरक नारों से की। उन्होंने छात्रों से कहा कि “आज का युवा ही कल का भारत है। यदि छात्र आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लेंगे तो आने वाला भारत निश्चित रूप से विश्व गुरु के रूप में प्रतिष्ठित होगा।” उन्होंने आत्मनिर्भर भारत अभियान को राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया और युवाओं से आग्रह किया कि वे शिक्षा, रोजगार और स्वदेशी उद्यमिता में अग्रणी भूमिका निभाएँ।

मंच का कुशल संचालन राजनीति विज्ञान की विभागाध्यक्षा एवं उप-प्राचार्या डा.किरण मदान ने किया और स्वागत भाषण दिया। उन्होंने छात्रों को संदेश दिया कि “स्वदेशी को अपनाकर ही भारत वास्तविक अर्थों में आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकता है।”

इस अवसर पर महाविद्यालय के लगभग 250 छात्र-छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई ने सक्रिय रूप से भाग लेकर इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान पूरा वातावरण देशभक्ति और उत्साह से सराबोर रहा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

इस अवसर पर डॉ. पूनम मदान, डॉ. गुरनाम सिंह तथा प्रो. अजयपाल और बाहर से आए विभिन्न प्रतिष्ठित एवं अनुभवी श्रोतागण भी शामिल हुए जिनकी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा और अधिक बढ़ गई। कार्यक्रम के सफल संचालन में प्रो.खुशबू,  डॉ.नीतू भाटिया , प्रो.राहुल कुमार,  प्रो.कुलदीप शर्मा एवं प्रो.पूजा का विशेष सहयोग रहा।

इस सफल आयोजन ने न केवल आत्मनिर्भर भारत के विचार को छात्रों के मन में स्थापित किया, बल्कि उन्हें यह भी प्रेरित किया कि वे अपने भविष्य को स्वदेशी, स्वरोजगार और राष्ट्र निर्माण से जोड़ें।

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