पुलिस शहीदी दिवस सप्ताह के तहत शहीदों के बलिदान का स्मरण कर अमर शहीदों की शहादत को किया नमन.
-पुलिसकर्मियों का अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान की गाथा हमें सदैव प्रेरणा देती रहेगी, डीएसपी सतीश वत्स
BOL PANIPAT : 28 अक्तूबर 2025, पुलिस विभाग की और अमर शहीदों के सम्मान में 21 से 31 अक्तूबर तक पुलिस शहीदी दिवस सप्ताह के रूप में मनाया जा रहा है। इस श्रंखला में जिला पुलिस द्वारा शहीदों के सम्मान में पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस के मार्गदर्शन में अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन कर शहीद जवानों को याद कर श्रद्धांजली दी जा रही है। 28 अक्तूबर मंगलवार को जिला सचिवालय स्थित पुलिस विभाग के सभागार में कार्यक्रम का आयोजन कर शहीदों के बलिदान का स्मरण कर अमर शहीदों की शहादत को नमन किया।
उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय सतीश वत्स ने इस दौरान संबोधित करते हुए कहा कि आप अपने घरों में सकुन से रहते हैं तो इसमें किसी जवान की भूमिका है। अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों, जवानों ने देश की सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा, शांति के लिए बलिदान दिए है। ऐसे में जब उनके परिवार का भी सम्मान होता है तो वे गर्व महसूस करते हैं। मातृभूमि के लिए जो सर्वस्व न्यौछावर कर दे ऐसे वीर सपूतों को हमेशा याद किया जाता रहेगा। पुलिसकर्मियों का अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान की गाथा हमें सदैव प्रेरणा देती रहेगी। इस दौरान जिला पुलिस में ड्यूटी के दौरान कर्तव्य परायणता का फर्ज निभाते हुए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले अमर शहीद सिपाही प्रेम सिंह व सिपाही रामनिवास के बलिदान का स्मरण कर उन्हें श्रद्धाजलि दी। कार्यक्रम में जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय की विभिन्न शाखाओं में तैनात पुलिस अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
शहीदों के जीवन का सारांश;
अमर शहीद सिपाही प्रेम सिंह;
जिला जीन्द के गांव हाट निवासी सिपाही प्रेमसिंह वर्ष 1993 में पानीपत जिला में तैनात थे। 5 जुलाई 1993 को सिपाही प्रेम सिंह विशेष चेकिंग अभियान के दौरान पानीपत बस अड्डे पर बसों को चेक कर रहे थे। इस दौरान यमुनानगर डिपों की बस में चेकिंग के दौरान दो बदमाशों ने पिस्तौल निकालकर चेकिंग ना करने की धमकी दी। सिपाही प्रेम सिंह ने अपनी जान की परवाह किये बिना साहस का परिचय देते हुए बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की इस दौरान बदमाशों ने सिपाही प्रेम सिंह को गोली मार दी। घायल बहादुर सिपाही प्रेम सिंह उपचार के दौरान वीर गति को प्राप्त हो गए थे।
अमर शहीद सिपाही रामनिवास;
जिला जीन्द के खरल गांव निवासी सिपाही रामनिवास वर्ष 2012 में पानीपत जिला में तैनात थे। 27 अप्रैल 2012 को सिपाही रामनिवास गांव नारा निवासी कुलदीप की सुरक्षा में अंगरक्षक तैनात थे। कुलदीप को गवाही न देने के लिए विरोधी पक्ष द्वारा धमकी दी जा रही थी। कुलदीप सिंह सिपाही रामनिवास के साथ पानीपत माननीय न्यायालय में गवाही के लिए जा रहे थे तो विरोधी पार्टी ने उन पर गोली चला दी। सिपाही रामनिवास ने कुलदीप व अन्य की जान बचाने के लिए अपनी जान की परवाह किये बिना बदमाशों का डटकर मुकाबला किया। इस दौरान एक गोली सिपाही रामनिवास को लगी और वे अपना कर्तव्य निभाते हुए वीर गति को प्राप्त हो गए थे।

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