एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र सात दिवसीय विशेष एनएसएस कैंप का दूसरा दिन कालेज के 110 एनएसएस स्वयंसेवकों ने ग्राम काबड़ी में दिया स्वच्छता और सेहत का सन्देश
एनएसएस कार्यकर्ता को देश और सामाजिक हित के छोटे से छोटे कार्य को करने में कोई संकोच नहीं करना चाहिए: सोनू कुमार, सरपंच, ग्राम काबड़ी पानीपत
BOL PANIPAT , 02 मार्च. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र के एनएसएस पाठ्यक्रम के अनुसार 1 से 7 मार्च तक चलने वाले सात दिवसीय विशेष एनएसएस कैंप का आज दूसरा दिन रहा. आज के प्रात: कालीन सत्र में सभी एनएसएस कार्यकर्ताओं को योग और ध्यान शिविर के साथ आध्यात्म की शिक्षा दी गयी. तत्पश्चात कॉलेज प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर एवं वाईआरसी अधिकारी डॉ राकेश गर्ग, डॉ संतोष कुमारी और डॉ दीपिका मदान अरोड़ा की अगुआई में एनएसएस स्वयंसेवकों को ग्राम काबड़ी के लिए हरी झंडी दिखा कर विदा किया गया. विदित रहे कि कैंप के प्रतिभागी कार्यकर्ता सात दिनों में ग्राम काबड़ी जाकर वहां सामाजिक सरोकार के विषयों पर अपना और ग्रामीणों का ज्ञानवर्धन तथा मार्गदर्शन करेंगे. आज के दिन युवा कार्यकर्ताओं का प्रमुख उद्देश्य गाँव की स्वच्छता और स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं का निदान रहा. ग्राम काबड़ी के सरपंच सोनू कुमार ने कॉलेज के एनएसएस स्वयंसेवकों और प्राध्यापकों के प्रयासों की भरपूर प्रशंसा की. एनएसएस कार्यकर्ताओं ने पीएचसी, सामुदायिक केंद्र और ग्रामीण चौपाल में जाकर न सिर्फ स्वच्छता का पाठ पढ़ाया बल्कि खुद सफाई करके ग्रामीणों को जागरूक और प्रेरित किया. हाथों में झाड़ू लिए एनएसएस के कार्यकर्ताओं ने साबित किया कि कोई भी काम छोटा नहीं है और सबसे प्रथम देश और समाज का हित है. ग्राम काबड़ी सरपंच सोनू कुमार ने कहा कि देश हित के छोटे से छोटे कार्य को करने में हमें कोई भी झिझक और शर्म महसूस नहीं करनी चाहिए. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के युवा एनएसएस कार्यकर्ताओं पर उन्हें नाज़ है कि वे बिना किसी संकोच और भेदभाव के हर व्यक्ति की मदद को तत्पर है. मनुष्य के जीवन में जिस तरह अन्न, जल, वायु, घर और कपड़े आवश्यक है उसी तरह स्वच्छता भी आवश्यक है क्योंकि अगर हमारे आस-पास स्वच्छता नहीं है तो मलेरिया, हैजा, पीलिया जैसी खतरनाक और जानलेवा बीमारियां हमें घेर लेंगी. अगर हम अपने आस-पास स्वच्छता रखेंगे तो हम ऐसी जानलेवा बीमारियों से कोसों दूर रहेंगे. एसडी पीजी कॉलेज के छात्र-छात्राओं को उनके इन प्रयासों के लिए सलाम है. प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने एनएसएस कार्यकर्ताओं को हरी झंडी दिखाते हुए कहा कि स्वच्छता का साधारण भाषा में अर्थ मनुष्य के तन, मन और उसके आस-पास की सभी चीज़ों को स्वच्छ रखने से है. गांधी जी ने स्वच्छता के लिए कहा था कि स्वच्छता ही मानव की सबसे बड़ी सेवा है. अगर हम अपने देश की वास्तव में सेवा करना चाहते है तो इसके लिए सबसे पहले हमें अपने देश को स्वच्छ रखना होगा. भारत जैसे बड़े देश के लिए स्वच्छता बहुत जरूरी है क्योंकि हमारे देश की जनसंख्या और इसी कारण यहाँ पर गंदगी बहुत ज्यादा है. देश में फैली गंदगी को अगर समय रहते साफ नहीं किया गया तो भविष्य में बहुत ही खतरनाक रोग उत्पन्न होने का डर रहेगा और अगर ऐसा हुआ तो इससे न सिर्फ लोग बीमार होंगे बल्कि देश की अर्थव्यवस्था भी गंभीर रूप से प्रभावित होगी. स्वच्छता आज के समय की मांग है. पवन गोयल प्रधान ने अपने सन्देश में कहा कि स्वच्छता मनुष्य को शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी स्वस्थ रखती है. जब हमारे आस-पास गंदगी ज्यादा होती है तब मच्छर, कीड़े-मकौड़े, चूहे, मक्खी और कई प्रकार के किटाणु पनपनरिं लगते है. इनसे न सिर्फ बीमारी फैलती है बल्कि इंसानी मौत का भी भय रहता है. इंसान के जीवन में स्वच्छता बेहद जरूरी है. डॉ राकेश गर्ग, एनएसएस रोग्राम ऑफिसर ने कहा कि आज के समय में शारीरिक स्वच्छता के साथ-साथ वैचारिक स्वच्छता भी जरूरी है क्योकि वैचारिक स्वच्छता मानव को एक अच्छा इंसान बनाती है. हमें चाहिए कि हम न सिर्फ अपने बारे में बल्कि दूसरों के भले के लिए भी सोचें. जब हमारे देश का एक-एक नागरिक ऐसी सोच रखेगा तब देश को स्वच्छ होने में देर नहीं लगेगी. हमें तन और मन की स्वच्छता से कोई समझौता नहीं करना चाहिए. साफ-सफाई इंसानों के लिए उतनी ही जरूरी है जितना कि खाना, पीना और सांस. इस अवसर पर प्रो पवन कुमार, दीपक मित्तल आदि मौजूद रहे.

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