किशोरी को बहला फुसलाकर भगा ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में दोषी को 20 साल कारावास की सजा व 75 हजार रूपए जुर्माना व जुर्माना ना देने पर 1 साल की अतिरिक्त सजा सुनाई गई
BOL PANIPAT : 17 नवम्बर 2022, पानीपत पुलिस की जारी दमदार एवं उत्कृष्ट पैरवी
किशोरी को बहला फुसलाकर भगा ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी को सजा दिलाने में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका, जिला न्यायावादी कार्यालय द्वारा भी मामलें में सही से पैरवी की गई
माननीय न्यायालय द्वारा दोषी को 20 साल कारावास की सजा व 75 हजार रूपए जुर्माना व जुर्माना ना देने पर 1 साल की अतिरिक्त सजा सुनाई गई है
पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन द्वारा जिला के सभी थाना प्रबंधकों, चौकी इंचार्जों व अनुसंधानकर्ताओं को विशेष निर्देश दिए हैं कि महिला विरुद्ध अपराध व पॉस्को एक्ट के तहत शिकायत का बिना किसी विलंब के शिकायत के आधार पर अभियोग अंकित करें। साथ ही मामलें में महत्वपूर्ण व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी कार्यवाही करते हुए माननीय न्यायालय में आरोपियों को दंड व पीड़ित को न्याय दिलाने का कार्य करें। इन निर्देशों की पालना के परिणाम स्वरूप पानीपत पुलिस द्वारा की गई दमदार एवं उत्कृष्ट पैरवी से किशोरी को बहला फुसलाकर भगा ले जाने व दुष्कर्म के मामले में आरोपी को माननीय न्यायालय श्री सुखप्रीत सिंह अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी करार देते हुए 20 साल कारावास और 75 हजार रूपए जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि ना भरने पर दोषी को 1 साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
थाना सदर क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने 3 अगस्त 2019 को पुलिस को दी शिकायत मे बताया था कि उसकी 19 वर्षीय बेटी बगैर बताए घर से कही चली गई। थाना में आईपीसी की धारा 346 के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस टीम ने तलाश शुरू कर दी थी। मामले की जांच करते हुए स्कूल से दस्तावेज एकत्रित किए गए। जिसमे जन्म तिथि 1 जनवरी 2002 मिली । इस आधार पर लड़की नाबालिग पाई गई। दर्ज मामले में आईपीसी की धारा 363,366 इजाद की गई थी। आरोपी अमित 13 अगस्त 2019 को थाना सदर के नजदीक किशोरी को छोड़कर फरार हो गया। पुलिस टीम द्वारा किशोरी को बरामद कर उसके 164 सीआरपीसी के तहत माननीय न्यायालय के समुख ब्यान अंकित करवाए गए थे। सिविल अस्पताल में किशोरी का मेडिकल करवा गया। मामलें में 4 पॉक्सो एक्ट इजाद की गई थी। पुलिस टीम ने साथ ही आरोपी अमित को गिरफ्तार कर कब्जे से वारदात में प्रयोग की बाइक व वारदात स्थल की निशानदेही करवाने के बाद आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत जेल भेज दिया गया था। तब से मामला माननीय न्यायालय में विचाराधीन था।
इन धाराओं व एक्ट में हुई सजा
दोषी अमित को 6 पॉक्सो एक्ट में 20 साल कारावास की सजा 35 हजार रूपए जुर्माना और जुर्माना ना देने पर 1 साल की अतिरिक्त सजा सुनाई है। आईपीसी की धारा 363 में 3 साल सजा 15 हजार रूपए जुर्माना, ना देने पर 3 माह अतिरिक्त सजा सुनाई गई है। आईपीसी की धारा 366 में 5 साल सजा 25 हजार जुर्माना, ना देने पर 6 माह की अतिरिक्त सजा सुनाई है।

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