रोबोटिक्स विजार्ड द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम ने आई. बी. स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्रों को दिलाई रोबोटिक्स की दुनिया की सरलता.
BOL PANIPAT : आई. बी. स्नातकोत्तर महाविद्यालय पानीपत की प्लेसमेंट करियर गाइडेंस सेल ने रोबोटिक्स विजार्ड की कोलैबोरेशन के साथ कार्याशाला का आयोजन किया | महाविद्यालय के छात्रों को उनके रोबोटिक्स सपनों को हकीकत में बदलने का मौका मिला है | रोबोटिक्स विजार्ड्स, दिल्ली टीएम नर्सरी से 12 वीं तक के छात्रों और शिक्षकों के लिए टिंकरिंग, प्रौद्योगिकी और एसटीईएम शिक्षा (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) लाने में अग्रणी है | इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में छात्रों को रोबोटिक्स की दुनिया में गहरे प्रवेश का अवसर प्राप्त हुआ। रोबोटिक्स विजार्ड ने एक ऐसा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जिसका मिशन है छात्रों को सर्वोत्तम रोबोटिक्स शिक्षा प्रदान करना, ताकि वे सरकारी स्कूलों के छात्रों और शिक्षकों को रोबोटिक्स के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान कर सकें । महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार गर्ग ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से हमारे छात्रों को व्यावासिक और उद्योग-संबंधित अनुभव प्रदान होगा और हम विश्वास करते हैं कि यह कार्यक्रम छात्रों को रोबोटिक्स के तेजी से बदलते क्षेत्र में उनके उद्देश्यों की प्राप्ति में मदद करेगा”| इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में श्री आशुतोष और श्री चिराग द्वारा छात्रों को विभिन्न प्रकार के रोबोट मॉडल बनाने का मौका मिला | उन्हें मॉडलों के हार्डवेयर और मंत्रण करने का तरीका भी समझाया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से स्कूल के शिक्षकों को भी रोबोटिक्स के उच्चतम मानकों का ज्ञान प्राप्त होगा, ताकि वे अपने छात्रों को इस क्षेत्र में अधिक से अधिक शिक्षा दे सकें। महाविद्यालय का उद्देश्य नई शिक्षा दिशाओं को आगे बढ़ाने और छात्रों को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करने का है एवं रोबोटिक्स प्रशिक्षण कार्यक्रम से छात्रो को वास्तविक दुनिया की समस्याओं का समाधान करने की क्षमता प्राप्त होगी | इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में महाविद्यालय से 13 विद्यार्थियों ने आवेदन किया जिसमे से 3 विद्यार्थियों (अश्वनी, आकाश एवं रोहन) को चयनित किया गया | यह विद्यार्थी हरियाणा के सरकारी स्कूलों में 3 महीने की कार्यशाला दिनॉंक 3 अक्टूबर, 2023 से शुरू करेंगे | इस कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. अर्पणा गर्ग, डॉ. चेतना नरूला एवं प्रो. निशा का महत्वपूर्ण योगदान दिया |

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